युवक पश्चिम बंगाल के निकले। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। कारखाना संचालक पर कार्रवाई
शब्द अग्नि / इंदौर|मल्हारगंज में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एक सिलाई कारखाने में काम करने वाले 17 संदिग्ध युवकों को पकड़ा था। उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया था।
मामले में पुलिस ने जांच की तो सभी कारीगर युवक पश्चिम बंगाल के निकले। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। दूसरी तरफ पुलिस ने इस मामले में थाने पर सभी की जानकारी नहीं दिए जाने के चलते कारखाना संचालक पर कार्रवाई की है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि सोमवार को कमला नेहरू नगर से 17 संदिग्ध बांग्लादेशी पकड़ाए थे। बीजेपी नेताओं ने उन्हें अवैध तरीके से रहने की बात करते हुए बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया था। पुलिस ने सभी के आधार कार्ड अपने पास रखे थे। इसके बाद संबधित जिलों से सभी की जानकारी निकलवाई गई। जिसमें 11 कारीगर नंदीग्राम, 1 मदीनापुर वहीं 4 अन्य जिले के निकले हैं। पुलिस ने वेरिफिकेशन कर बताया कि सभी इंदौर में काम के लिए गए हुए हैं। वहीं 3 साल से कारीगरों की जानकारी नहीं देने वाले सिलाई कारखाना के संचालक खेमचंद लिखार के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। मामले में बीजेपी कार्यकर्ता ने सोमवार को इलाके में हंगामा मचाते हुए आरोप लगाया था कि वहां करीब 50 बांग्लादेशी बिना जानकारी के रह रहे हैं। उनपर संदिग्ध गतिविधियों के आरोप भी लगाए थे। लेकिन पुलिस जांच में इस तरह की कोई भी बात सामने नही आई।
Author: Shabd Agni
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