VISITORS

0 0 7 1 6 2

March 29, 2026 12:26 pm

+91 8878812345

Explore

Search

March 29, 2026 12:26 pm

भागीरथपुरा- दूषित पानी से अबतक 30वीं मौत

परिजनों ने अंत्येष्टि से पहले सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया
शब्द अग्नि न्यूज़। इंदौर में दूषित पानी से बुधवार को 30वीं मौत हो गई। भागीरथपुरा में रहने वाले 62 वर्षीय लक्ष्मी रजक को दो दिन पहले उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था परिजनों ने बताया कि भर्ती के दौरान उनकी किडनी भी खराब होने की जानकारी मिली।
इससे पहले भागीरथपुरा के खूबचंद की दूषित पानी से मंगलवार को मौत हो गई थी। बुधवार को उनके परिजनों ने अंत्येष्टि से पहले सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। हालांकि, अब भर्ती मरीजों की संख्या सिर्फ 6 रह गई हैं। इनमें से 3 आईसीयू में हैं। एक वेंटिलेटर पर है। दूसरी ओर इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मंगलवार (27 फरवरी) को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में ढाई घंटे से ज्यादा सुनवाई चली। शुरुआत में मुख्य सचिव अनुराग जैन 10 मिनट तक वर्चुअल उपस्थित रहे। इस दौरान 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें से 16 मौतें दूषित पानी से मानी हैं, जबकि चार को लेकर असमंजस की स्थिति बताई है। वहीं तीन की मौत दूषित पानी से नहीं मानी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। यह मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से जुड़ा है। इस कांड को एक माह पूरा हो रहे हैं, लेकिन अभी भी पूरी बस्ती में साफ पानी नहीं मिल पाया है और न ही अफसर यह बता पाए कि दूषित पानी के कारण लक्ष्मी रजक, मृतक
आखिर इतनी मौतें कैसे हो गई? यह कांड सामने आने के बाद कई सरकारी जांचें हुईं और आयोग का गठन भी हो चुका है। मामला कोर्ट में है, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं हुआ है। 29 दिसंबर को भागीरथपुरा बस्ती के 20 मरीज दो अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती हुए थे। उन्हें देखने क्षेत्रीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे थे

एक नजर
1. भागीरथपुरा में एक माह में 30 मौतें हो चुकी हैं और 1500 से ज्यादा लोग बीमार हुए। अभी भी 6 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।
२। मामला कोर्ट में है और जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। सरकार ने भी उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है। कोर्ट सरकार से पूछ चुका है कि इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।
3. क्षेत्रीय विधायक व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद यह मुद्दा देशभर में गूंजा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इंदौर आए और परिजनों से मिलकर उन्हें एक-एक लाख रुपये के चेक सौंप
4. बस्ती के केवल 30 प्रतिशत हिस्से में नई नर्मदा लाइन बिछाई गई है। कई इलाकों में अब भी टैंकरों से पानी बांटा जा रहा है। पहुंचे थे, जिसके बाद दूषित पानी से फैल रही बीमारी का खुलासा हुआ । 30 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति की पहली मौत हुई थी। इन मौतों के पीछे नगर निगम की भारी लापरवाही उजागर हुई है। बस्ती की पाइपलाइनें 30 साल से ज्यादा पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। भागीरथपुरा से जुड़ा नगर निगम का जोन शिकायतों के मामले में शहर में दूसरे स्थान पर है। पिछले दो माह में यहां सबसे ज्यादा गंदे पानी की शिकायतें मिली थीं, लेकिन अफसरों ने उन पर ध्यान नहीं दिया।
हैरानी की बात यह है कि सालभर से लाइन बदलने के प्रस्ताव तैयार थे, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। गंदे पानी की शिकायतों को अफसरों ने गंभीरता से नहीं लिया। जिस नर्मदा लाइन से घरों में पानी जाता है, उसके ऊपर पुलिस चौकी का शौचालय बना दिया गया और मल-मूत्र का पानी नर्मदा लाइन में समाता रहा। जब मौतें होने लगीं, तब अफसरों ने शौचालय तोड़कर लीकेज खोजा। पूरी लाइन में 30 से ज्यादा लीकेज मिले, जिन्हें एक माह बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सका है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

.

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर