खजराना में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संभाला मोर्चा

तबरेज मंसूरी
इंदौर। चुनाव आयोग द्वारा प्रदेश भर में मतदाता पुनः निरीक्षण का कार्य किया जा रहा है इसी कड़ी में इन्दौर के खजराना क्षेत्र में युवाओं ने जिस तरह संगठित होकर SIR अभियान की कमान संभाली है, वह उदाहरण बन गया है। क्षेत्र में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान युवाओं की सक्रियता इतनी बढ़ गई है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का पारंपरिक भार लगभग खत्म होता दिखाई दे रहा है। स्थानीय युवाओं ने मोहल्लों, बस्तियों और प्रमुख चौराहों पर टेंट और नुक्कड़ कैम्प लगाकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार कराने और SIR फॉर्म भरवाने का काम शुरू किया। सुबह से देर रात तक चलने वाले इन कैम्प में युवाओं का समर्पण और ऊर्जा देखते ही बनती है।
युवाओं का कहना है
अब केवल सरकारी कर्मचारियों पर निर्भर रहने का समय नहीं। अगर हम सब मिलकर जागरूकता लाए तो ज्यादा से ज्यादा लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ सकते हैं।”
हर नुक्कड़ पर टेबल – लोगों की भीड़ उमड़ी

खजराना के कई इलाकों में लगाए गए कैम्प पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। महिलाएं, बुजुर्ग और नए मतदाता बनने जा रहे युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। युवाओं ने मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट की मदद से फॉर्म भरने की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया।
बीएलओ का बोझ हुआ हल्का
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि युवाओं की इस पहल ने अभियान की गति को कई गुना बढ़ा दिया है। बीएलओ जहाँ पहले घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने में समय लगाते थे, वहीं अब युवाओं की मदद से अधिकांश फॉर्म केंद्रों पर ही भर कर संबंधित कर्मचारी को जमा किए जा रहे हैं।
लोकतंत्र की दिशा में मजबूत कदम
उक्त कार्य में कई समाजसेवी अपनी अपनी टीम के साथ सहयोग दे रहे है जिनमें मुख्य रूप से खजराना व्यापारी एसोसिएशन ए पी जे अब्दुल कलाम मंडल टीम ज़ैद पठान टीम बंटी इमरान टीम मिर्जा अरशद बेग टीम सलीम पठान और खजराना के जिम्मेदार नागरिक गण शामिल है खजराना में चली यह युवा-नेतृत्व वाली पहल न केवल जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि यदि समाज आगे आए, तो लोकतंत्र और भी मजबूत होता है।
खजराना के युवाओं ने साबित किया है कि यदि इरादा मजबूत और सोच सकारात्मक हो, तो किसी भी तरह का सामुदायिक अभियान बड़े स्तर पर सफल हो सकता है
Author: Shabd Agni
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