शब्द अग्नि / इंदौर के एमवाय अस्पताल में एक ऐसी चिकित्सकीय सफलता दर्ज हुई, जिसने न केवल चिकित्सा जगत को प्रेरित किया, बल्कि मानवीय जज़्बे और डॉक्टरों की समर्पित टीमवर्क की मिसाल भी पेश की। खरगोन जिले के ग्राम दबिया की 50 वर्षीय मसाली बाई पिछले कई महीनों से पेट दर्द और असहजता से जूझ रही थीं। एमवाय अस्पताल के सर्जरी विभाग में जाँच करने पर पता चला कि उनके पेट में दो बड़ी गठानें हैं। यह स्थिति न केवल असामान्य थी बल्कि जीवन के लिए खतरा थी।
मामला चुनौतीपूर्ण था, लेकिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द शुक्ला और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोमेन भट्टाचार्जी और उनकी टीम डॉ. अविनाश गौतम, डॉ. उपेन्द्र पाण्डेय, डॉ. रामेंद्र गुर्जर और अन्य जूनियर चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी, कौशल और सटीक योजना के साथ सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया और लगभग 15 किलो की दो गठानें निकाली गईं।
मसाली बाई के पेट से दोनों बड़ी गांठों को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया और उनकी जान बच गई। सफल ऑपरेशन के बाद आज उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह सफलता एमवाय हॉस्पिटल की टीम की प्रतिबद्धता, विशेषज्ञता और मानवीय सेवा का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।
Author: Shabd Agni
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