शब्द अग्नि / इंदौर | शहर के देवगुराड़िया स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में बुधवार रात को तेंदुआ नजर आया था। जिसका कोई निशान वन विभाग को नहीं मिला है। विभाग ने तेंदुआ की सर्चिंग के लिए गुरुवार रात राला मंडल की पहाड़ी से ड्रोन को लगभग 2 घंटे से ज्यादा देर तक उड़ाया। रात 2 घंटे से ज्यादा ड्रोन रालामंडल की पहाड़ियों के ऊपर से लेकर डियर सफारी के निचले इलाके में उड़ान भरता रहा, मगर हिरण सहित अन्य वन्यजीवों के अलावा कुछ और नजर नहीं आया। डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने बताया- रालामंडल अभ्यारण की पहाड़ी के पीछे से लेकर देवगुराड़िया पहाड़ी तक के जंगलों में तेंदुए की मौजूदगी आज या कल से नहीं, बल्कि सालों से है। इसलिए हम तेंदुए के मूवमेंट को तो नहीं रोक सकते। डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि अर्ली वार्निंग सिस्टम तैयार किया जाए। इसी की तैयारी के चलते हमारी प्लानिंग है कि हाईटेक ड्रोन से तेंदुए के मूवमेंट पर नजर रखी जाए। इसके लिए रालामंडल की पहाड़ी पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जो ड्रोन से कनेक्ट रहेगा। ड्रोन तेंदुए के मूवमेंट को अपने कैमरे में कैद करेगा, वैसे ही कंट्रोल रूम में लगे मॉनिटर स्क्रीन पर तेंदुए की लोकेशन नजर आ जाएगी। तत्काल कंट्रोल रूम वन विभाग की रेस्क्यू टीम को उस लोकेशन पर भेजकर वहां के बस्ती वालों को अलर्ट कर देगा। इसी योजना के चलते आज रात 9 से 12 बजे तक ड्रोन से ट्रायल की गई है।
Author: Shabd Agni
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