शब्द अग्नि / इंदौर। किताबों को अपनी अलमारी तक सीमित न रखें, उन्हें पाठकों तक भी पहुँचाएँ तभी आपका लेखन सार्थक होगा। यह बातें साहित्यकार डॉ. घनश्याम ठाकुर ने संस्था सोसायटी आफ आथर्स द्वारा कुंद कुद ज्ञानपीठ सभाग्रह में आयोजित मासिक बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि केवल पुस्तकें प्रकाशित कर अपनी अलमारी में जमा न करें। अपनी पुस्तकें बाहर के साहित्यकारों एवं पाठकों तक पहुँचाने का भी प्रयास करें। आपके द्वारा लिखा गया जितना व्यापक प्रसारित होगा उतना ही ठाकुर लोक मंगल होगा एवं हमारा शहर इन्दौर गौरवान्वित होगा। सभा में व्रजेन्द्र नागर, राज सांधेलिया, महेन्द्र सांघी, पी.के. शोभारानी माथुर, सत्यनारायण मंगल, मीना अग्रवाल, तिवारी, मुकेश इन्दौरी, राजेश रामनगीना, रशीद एहमद शेख, कमल कासलीवाल, ओमप्रकाश जोशी, गोकुल परसाई, बालकराम शाद, सुरेश रायकवार, विकास जैन, अनुपमा जैन, डॉ रवीन्द्र पहलवान, रामनारायण सोनी ने अपनी अपनी रचनाओं का सरस सुमधुर पाठ किया। संचालन संस्था सचिव रामनारायण सोनी ने किया।
Author: Shabd Agni
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