मप्र पा ट्रां कं लि, कर्मी श्री खान को 39 वर्ष की सेवा के बाद सम्मान समारोह कर दी विदाई
शब्द अग्नि / अनस खान/ खरगोन। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी से सेवानिवृत हुए वरिष्ठ श्रमिक नेता एसएफ खान का 31 दिसंबर को कार्यकाल पूरा होने पर भावभिनी सेवानिवृत्ति दी गई। अधिकारियों- कर्मचारियों के साथ ही स्नेहीजनों ने निजी होटल में विदाई समारोह आयोजित कर श्री खान की विद्युत विभाग में 39 वर्षों की लंबी सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें उपहार भेंटकर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

श्री खान ने हमेशा कर्मचारी और विभाग हितों को दी प्राथमिकता – श्री मालवीय
समारोह के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त विद्युतकर्मी एलएन मालवीय ने मंच से संबोधित करते हुए ने कहा कि सेवानिवृत्त खान एक सच्चे, सरल स्वभाव और नेक दिल इंसान हैं। श्री खान ने हमेशा कर्मचारी और विभाग हितों को प्राथमिकता दी और यही कारण है कि आज उनकी सेवानिवृत्ति पर हर वर्ग उन्हें सम्मान और स्नेह के साथ विदाई दे रहा है। गजेन्द्र गीते ने कहा श्री खान विद्युत विभाग के ऐसे कर्मठ और जिम्मेदार कर्मचारी रहे हैं, जिन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य किया। इतना ही नही जिला विद्युत कर्मचारी सहकारी साख संस्था के करीब 20 वर्षों तक संचालक तथा 10 वर्ष तक संस्था के उपाध्यक्ष भी रहते हुए पूरी निष्ठा के साथ सेवाएं दी। उनका यह समर्पण, आत्मियता का भाव हमारे लिए प्रेरणादायक और यादगार है।
खान बिना देरी समस्या का तुरंत समाधान करते थे
अतीन्द्र मोहन वर्मा, विजय यादव, महेंद्रसिह चौहान आदि ने कहा जब भी किसी भी प्रकार की शिकायत होती थी और खान से संपर्क किया जाता था, तो वे बिना किसी देरी के तुरंत मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करते थे। आज के समय में ऐसे कर्मचारी बहुत कम देखने को मिलते हैं, विभागीय जिम्मेदारियों के साथ- साथ आम जनता की समस्त समस्याओं को भी अपनी निजी जिम्मेदारी समझते हों। समारोह में श्री खान ने भावुक होते हुए कहा कि मेरे सेवाकाल में आप सबका जो स्नेह, समर्थन और सहयोग मिला, उसके चलते में इतना लंबा कार्यकाल पुरा कर सका। में आप सबका हमेशा आभारी रहूंगा। जब भी मेरी आवश्यकता होगी में आपके बीच उपलब्ध होने का पुरा प्रयास करूंगा। इस दौरान प्रभात जोशी, श्यामलाल पाटीदार, सूरेश ठाकुर, नीतिन मण्डलोई, चन्द्रहास नामदेव, मुकेश बार्चे, नवनीत यादव, रियाज हुसैन आदि ने उपस्थित थे।
Author: Shabd Agni
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