जिम्मेदार अफसर और नेताओ पर एफआईआर की मांग
शब्द अग्नि / इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी तूल पकड़ लिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का एक बड़ा दल बाणगंगा पुलिस थाने पहुंचा और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जनप्रतिधियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए आवेदन सौंपा। ांग्रेस ने अपने मांग पत्र में स्पष्ट किया है कि भागीरथपुरा में हुई 12 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के पीछे सीधे तौर पर नगर निगम की लापरवाही है। पार्टी ने मांग की है कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम आयुक्त दिलीप यादव और जल समिति के प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या (धारा 304 ए) और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस को सौंपी गई शिकायत में बताया गया कि नगर निगम द्वारा ड्रेनेज मिश्रित पानी की सप्लाई की गई, जिसे पीने से क्षेत्र के निवासियों को गंभीर संक्रमण हुआ। उपचार के दौरान नंदलाल पाल, उर्मिला यादव, ताराबाई, गोमती रावत, सीमा प्रजापत, मंजुला वाडे और उमा कोरी जैसे नागरिकों ने दम तोड़ दिया। कांग्रेस का आरोप है कि पेयजल व्यवस्था के जिम्मेदार इंजीनियरों और अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया, जिससे साफ पानी की जगह लोगों के घरों तक जहरीला पानी पहुंचा। कांग्रेस नेताओं ने डीसीपी राम स्नेही मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता है। शिकायत में जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 के प्रभारी दीपू यादव, विपिन वानखेड़े, सत्यनारायण पटेल और कई पार्षद उपस्थित रहे।
Author: Shabd Agni
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