चुनाव में बीजेपी ने पुरुषों से ज्यादा महिलाओं पर क्यों लगाया दांव ?
मुंबई। आगामी बीएमसी चुनावों के लिए भाजपा ने 137 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस सूची को ध्यान से देखने पर साफ पता चलता है कि पार्टी ने महिलाओं को खास तरजीह दी है। कुल 137 उम्मीदवारों में 76 महिलाएं और 61 पुरुष हैं। मुंबई नगर निगम चुनावों में यह महिलाओं का अब तक का सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व माना जा रहा है। जहां बीएमसी की 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, वहीं भाजपा ने खुले वार्डों में भी महिला उम्मीदवार उतारकर एक कदम आगे बढ़ाया है। खुले वार्ड वे सीटें होती हैं, जहां आमतौर पर पुरुष उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं, खासकर वे जो किसी आरक्षित श्रेणी जैसे ओबीसी या एसटी में नहीं आते। इसके बावजूद भाजपा ने इन अहम सीटों पर भी महिलाओं को मौका दिया है। उदाहरण के तौर पर वार्ड नंबर 57, गोरेगांव को लें। यह एक खुली सीट है, जहां भाजपा ने पूर्व पार्षद श्रीकला पिल्लई को फिर से उम्मीदवार बनाया है। उनके पिता रामचंद्रन पिल्लई कांग्रेस से पांच बार बीएमसी पार्षद रह चुके थे। 2010 में उनके निधन के बाद श्रीकला पिल्लई ने 2017 का नगर निगम चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा और जीत हासिल की। श्रीकला पिल्लई का कहना है कि उन्होंने पिछले 15 वर्षों से वार्ड में लगातार काम किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी में उनका इंटरव्यू हुआ था और उन्हें उम्मीद थी कि उनके काम को देखते हुए पार्टी उन्हें दोबारा टिकट देगी । पार्टी नेताओं का कहना है कि खुले वार्डों से भी महिला उम्मीदवार उतारने का फैसला स्थानीय हालात और जीत की संभावना को देखकर किया गया है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर किसी सीट पर महिला उम्मीदवार के जीतने की सबसे ज्यादा संभावना है, तो यह मायने नहीं रखता कि वह सीट आरक्षित है या खुली।
Author: Shabd Agni
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