अधिकांश गोभक्त सुबह सुबह ही शहर की लोकप्रिय व आर्थिक रूप से सक्षम गोशाला में गोमाता को गोग्रास अर्पण करने बड़ी संख्या में पहुंचते है
शब्द अग्नि / इंदौर । मकर संक्रांति पर गोमाता को गोग्रास अर्पण करना व गो सेवा अत्यंत ही पुण्यदाई माना जाता है। कामधेनु सेवा समिति के राजेंद्र असावा व बुरहानुद्दीन शकरुवाला ने शहर के सभी गोभक्तो से अग्राह किया है कि मकर संक्रांति पर गोमाता को गोग्रास अर्पण करने एवं गो सेवा के लिए शहर व शहर के आसपास व निकट ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर गोशाला में भी गो सेवा कर गोशाला को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में सहयोगी बने । इन गोशालाओं में गोग्रास की आवश्यकता होती है। अक्सर देखने में आता है कि मकर संक्रांति पर्व पर अधिकांश गोभक्त सुबह सुबह ही शहर की लोकप्रिय व आर्थिक रूप से सक्षम गोशाला में गोमाता को गोग्रास अर्पण करने बड़ी संख्या में पहुंचते है इससे एक ही दिन मे गोमाता को उनके खाने की क्षमता से अधिक मात्रा में गोग्रास अर्पण कर दिया जाता है। अधिक मात्रा में गोग्रास गोमाता की पाचन शक्ति को हानी पहुंचाकर उसे अस्वस्थ भी कर सकती है और बचा हुआ गोग्रास भी कुछ समय पश्चात खराब हो जाता है। गो
सेवा में खर्च की गई राशि भी अनुपयोगी, व्यर्थ हो जाती है और गोभक्त को उसका कोई पुण्य लाभ भी प्राप्त नहीं हो पाता है। संस्था द्वारा गोभक्तो को सुझाव है कि एक साथ एक ही दिन ढेर सारा गोग्रास देने के बजाय मकर संक्रांति पर गो सेवा राशि को संकल्पित करके प्रतिदिन लगातार रोज थोड़ा थोड़ा गोग्रास देवें साथ ही शहर के नजदीक अभावग्रस्त गोशाला में गोमाता को गोग्रास अर्पण को प्राथमिकता दें। इन गोशालाओं में अक्सर गोभक्त पहुंच नहीं पाते है। कामधेनु सेवा समिति द्वारा गोभक्तो के सहयोग से, जन सहयोग से विभिन्न गौशालाओं में मकर संक्रांति के पर्व पर दाल चूरी, गेहूं की चापड़ आदि भेंट की जा रही है ये गोग्रास सिर्फ एक दिन नहीं अपितु 15 दिन तक गोमाता के काम आयेगा।
Author: Shabd Agni
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