शब्द अग्नि /उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला आयोजित होने जा रहा है। शिवरात्रि 15 फरवरी से शुरू होकर यह मेला 20 फरवरी तक उज्जैन के दशहरा मैदान में लगेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में 11वें अंतरराष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ के दौरान उज्जैन में वन मेला आयोजित करने की घोषणा की थी।
इसके बाद अब उज्जैन में यह आयोजन किया जा रहा है। वन मेले में पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण, आयुर्वेद और पारंपरिक ज्ञान का संगम देखने को मिलेगा। बच्चों और युवाओं के लिए मेले का सबसे बड़ा आकर्षण चीता परिवार का विशाल स्कल्पचर रहेगा। इसके साथ ही जंगली वन्य प्राणियों को पकड़ने में उपयोग होने वाला बोमा भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को वन, जैव विविधता और चीतों के पुनर्स्थापन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। मेले के आयोजन के दौरान महाकाल मंदिर से मेला परिसर तक निशुल्क बस सेवा चलेगी। कम शुल्क पर ई-रिक्शा की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए गोल्फ कार्ट और व्हील चेयर की व्यवस्था की गई है।
Author: Shabd Agni
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