पूर्व विधायक की आरे से सजा निलंबन के लिए दायर की गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यह कस्टोडियल डेथ से जुड़ा मामला है। यह केस उन्नाव रेप कांड की पीड़िता के पिता की हिरासत के दौरान हुई मौत के मामले में दर्ज हुआ था।
शब्द अग्नि न्यूज़ । उन्नाव रेप केस के मुख्य आरोपित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पूर्व विधायक की आरे से सजा निलंबन (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) के लिए दायर की गई याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कस्टोडियल डेथ से जुड़े मामले में सेंगर की याचिका खारिज की है। यह केस उन्नाव रेप कांड की पीड़िता के पिता की हिरासत के दौरान हुई मौत के मामले में दर्ज हुआ था। इसी केस में सजा के कारण कुलदीप सिंह सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाया था।
कुलदीप सिंह सेंगर को ट्रायल कोर्ट ने 2019 में इस मामले में 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। सेंगर ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इस सजा को निलंबित करने की मांग की थी। पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की ओर से कोर्ट में दलील दी गई थी कि वह लंबे समय से जेल में बंद हैं। उनकी सेहत लगातार खराब हो रही है। इसके साथ ही याचिका में डायबिटीज, मोतियाबिंद और रेटिना डिटैचमेंट जैसी बीमारियों का भी उल्लेख करते हुए उनका तिहाड़ जेल से बाहर दिल्ली एम्स में इलाज कराने की मांग की गई थी।
कुलदीप सेंगर को जमानत पर पीड़िता का इंडिया गेट पर धरना, बोली- काल से कम नहीं
सीआरपीसी की धारा 389 के तहत दायर की गई कुलदीप सिंह सेंगर की इस याचिका में अपील लंबित रहने के दौरान सजा निलंबित रखने की मांग की गई थी। कोर्ट में पूर्व विधायक सेंगर की इस याचिका का BEHAD गभार मामला है। इसम किडनापग, मारपीट और कस्टोडियल डथ जस अपराध शामिल ह। यह भा कहा कि सेंगर की कोशिश पीड़िता और उसके परिवार को चुप कराने की थी। पीड़िता की ओर से भी दलील दी गई कि ऐसे आरोपी को राहत देना न्याय के विरुद्ध होगा।
कुलदीप सिंह सेंगर को ट्रायल कोर्ट ने 2019 में इस मामले में 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। सेंगर ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इस सजा को निलंबित करने की मांग की थी। पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की ओर से कोर्ट में दलील दी गई थी कि वह लंबे समय से जेल में बंद हैं। उनकी सेहत लगातार खराब हो रही है। इसके साथ ही याचिका में डायबिटीज, मोतियाबिंद और रेटिना डिटैचमेंट जैसी बीमारियों का भी उल्लेख करते हुए उनका तिहाड़ जेल से बाहर दिल्ली एम्स में इलाज कराने की मांग की गई थी।
कुलदीप सेंगर को जमानत पर पीड़िता का इंडिया गेट पर धरना, बोली- काल से कम नहीं
सीआरपीसी की धारा 389 के तहत दायर की गई कुलदीप सिंह सेंगर की इस याचिका में अपील लंबित रहने के दौरान सजा निलंबित रखने की मांग की गई थी। कोर्ट में पूर्व विधायक सेंगर की इस याचिका का BEHAD गभार मामला है। इसम किडनापग, मारपीट और कस्टोडियल डथ जस अपराध शामिल ह। यह भा कहा कि सेंगर की कोशिश पीड़िता और उसके परिवार को चुप कराने की थी। पीड़िता की ओर से भी दलील दी गई कि ऐसे आरोपी को राहत देना न्याय के विरुद्ध होगा।
Author: Shabd Agni
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