5-डे वीक वर्किंग की मांग
शब्द अग्नि न्यूज़। इंदौर। बैंकों में 5 डे वीक वकिंग यानी, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर मंगलवार को इंदौर के बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। पूरे प्रदेश में बैंकों की 7 हजार से ज्यादा ब्रांच में ताले लटके दिखे। एक ही दिन में लाखों- करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ेगा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। इंदौर सहित भोपाल, उज्जैन, जबलपुर – ग्वालियर समेत प्रदेशभर की बैंकों में ताले लटके दिखाई दिए। इससे चेक क्लियर, लेन-देन जैसे कामों पर असर पड़ेगा, वहीं एटीएम में रुपयों की कमी भी हो सकती है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के इंदौर संयोजक मोहन कृष्ण शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को इंदौर के बैंककर्मियों ने जिला कोर्ट के पास इकट्ठा होकर रैली निकाली और गांधी हाल परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया। महासचिव पंकज पोरवाल ने कहा कि सरकार द्वारा केंद्र व राज्य के कार्यालयों के अलावा वित्तीय संस्थान जैसे रिजर्व बैंक, एलआईसी, स्टॉक एक्सचेंज, मनी मार्केट और फॉरेन एक्सचेंज लेन-देन सप्ताहांत में बंद रहते हैं। इसी तर्ज पर बैकिंग क्षेत्र में भी 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए।
वर्तमान में बैंकों में 2015 से प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश दिया जाता है, जबकि बाकी सभी शनिवार कार्यदिवस की तरह काम लिया जाता है। बैंककर्मियों की 5 दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर यूनियनों और इंडियन बैंक एसोसिएशन के बीच दिसंबर 2023 में समझौता हुआ था, जिसमें शेष शनिवार के बदले कर्मचारियों को हर कार्यदिवस 40 मिनट अतिरिक्त काम करना था। यह समझौता 8 मार्च 2024 को केंद्र सरकार के अनुमोदन के लिए भेजा गया, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। बैंक की हड़ताल का असर डिजिटल लेनदेन पर नहीं पड़ा। UPI, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं 24×7 चालू काम करती रही। इस संबंध में जानकारी देते हुए यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि सरकारी क्षेत्र की 12 प्रमुख बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे।
इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। हड़ताल के चलते इन बैंकों में सामान्य कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। वहीं, निजी क्षेत्र के बैंकों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है, जिससे ग्राहकों को लेनदेन, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाओं में परेशानी हो सकती है। यूनियन की प्रमुख मांग बैंकिंग उद्योग में सप्ताह में पांच कार्य दिवस ( वीकली फाइव-डे वर्किंग) लागू करने की है। वर्तमान व्यवस्था के तहत बैंक कर्मचारियों को केवल दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश मिलता है, जबकि अन्य शनिवारों को काम करना होता है। यूनियन का कहना है कि सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाए और कार्यदिवस सोमवार से शुक्रवार तक सीमित रखते हुए कार्य घंटे समायोजित किए जाएं।
Author: Shabd Agni
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