समाधान न मिलने पर सुंदरकांड पाठ कर सरकार को सद्बुद्धि की प्रार्थना
शब्द अग्नि न्यूज़। उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र के फुटपाथ व्यापारी अपनी मांगों को लेकर 119 दिनों से धरना दे रहे हैं। समाधान न मिलने पर उन्होंने धरना स्थल पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें बिना पूर्व सूचना के हटाया गया है और सरकार तथा प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।
व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन को सद्बुद्धि देने तथा अपनी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की प्रार्थना के उद्देश्य से यह धार्मिक आयोजन किया। उनका कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है, जिससे वे आहत हैं। संघ अध्यक्ष कालूराम चौहान ने बताया कि वर्ष 2014 में संसद द्वारा पारित पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण एवं विनियमन) अधिनियम को मध्य प्रदेश में आज तक प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कानून लागू हुए 11 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन न तो पथ विक्रेताओं का विधिवत सर्वे हुआ है और न ही उनके स्थायी संरक्षण या पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था की गई है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण सैकड़ों छोटे व्यापारियों की आजीविका संकट में पड़ गई है। वे लंबे समय से मंदिर प्रशासन और नगर निगम से संवाद और समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बातों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सुंदरकांड पाठ के बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो उज्जैन से लेकर भोपाल तक बड़े स्तर पर धरना- प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर घनश्याम दास सिद्ध योग मठ अखाड़ा के संतों द्वारा विधिवत सुंदरकांड का पारायण किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में व्यापारी और उनके समर्थक शामिल हुए।
Author: Shabd Agni
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