पूर्व पार्षद अनवर कादरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जमानत मंजूर
शब्द अग्नि न्यूज़ । इंदौर के बहुचर्चित तथाकथित लव जिहाद फंडिंग केस में पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जमानत का औपचारिक आदेश जल्द जारी होने की संभावना है। यह फैसला जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने सुनाया। इससे पहले जिला न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद कादरी ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
सह-आरोपियों को पहले ही मिल चुकी थी जमानत
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने रखा गया कि मामले में नामजद अन्य सभी सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसी आधार पर अदालत ने समानता (Parity) के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए अनवर कादरी को भी राहत दी। कानूनी जानकारों के अनुसार, जमानत मिलना यह दर्शाता है कि अदालत ने जांच पूरी होने, ट्रायल लंबा चलने और आरोपी के संवैधानिक अधिकारों को प्राथमिकता दी है।
कादरी ने फरारी के बजाय किया था कोर्ट में सरेंडर

यह भी उल्लेखनीय है कि अनवर कादरी ने स्वयं कोर्ट में सरेंडर किया था। उन्होंने कानून से भागने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास जताया और जांच में सहयोग किया। इसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में थे।
आरोप अभी साबित होना बाकी
अनवर कादरी पर लगाए गए सभी आरोप अभी विचाराधीन (Sub Judice) हैं। भारतीय कानून के अनुसार, जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता। जमानत मिलना किसी भी तरह से अपराध सिद्ध होने या न होने का फैसला नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार सुनिश्चित करता है।
राजनीतिक और सामाजिक साजिश के आरोप भी चर्चा में
कादरी के समर्थकों और कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मामला राजनीतिक द्वेष और सामाजिक ध्रुवीकरण से प्रेरित हो सकता है। उनका तर्क है कि चुनावी राजनीति और धार्मिक ध्रुवीकरण के माहौल में कुछ मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।
पार्षदी समाप्त, फिर भी कानूनी लड़ाई जारी
मामले के सामने आने के बाद नगर निगम ने उनकी पार्षदी समाप्त कर दी थी और उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। हालांकि, अब हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद कानूनी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
न्यायपालिका पर भरोसा
अनवर कादरी के करीबियों का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे। उनका कहना है कि सच सामने आएगा और सभी आरोपों का कानूनी जवाब दिया जाएगा।
Author: Shabd Agni
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