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दाल उद्योग और कृषि प्रोसेसिंग में नया विस्तार

निजी क्षेत्र में अनाज मंडी व फूड पार्क स्थापित करने वाले निवेशकों को दी जाएगी पूरी मदद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में तीन दिवसीय ग्रीन एक्स प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
शब्द अग्नि न्यूज़ , इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश सरकार किसान, उद्योग और व्यापार तीनों को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में अनाज मंडी और फूड पार्क स्थापित किए जाए इसके लिए राज्य शासन द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। निजी क्षेत्र में अनाज मंडी और फूड पार्क स्थापित करने के लिए उन्होंने निवेशकों का आह्वान भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज यहाँ ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ग्रीन एक्स प्रदर्शनी के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला तथा श्री गोलू शुक्ला, पूर्व महापौर श्री कृष्णमुरारी मोघे, श्री सुमित मिश्रा, श्री गौरव रणदीवे, ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल, सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल भी मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि मुगल काल में जब देश के देवस्थानों पर आक्रमण हो रहे थे, तब लोकमाता अहिल्याबाई ने संकल्प शक्ति से देशभर में मंदिरों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दाल भारतीय भोजन का अभिन्न हिस्सा है। और शाकाहारी समाज के लिए यह प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा कि दुनिया में दाल उत्पादन और उपभोग दोनों में भारत अग्रणी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता किसान इन चार वर्गों को सशक्त करने के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 5 साल का रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का फूड बास्केट बन चुका है। खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। गेहूं, चना, मसूर, सोयाबीन और तिलहन उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है।


उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने तुअर पर टैक्स हटाया है तथा उड़द और मसूर उत्पादन बढ़ाने के लिए योजना बनाई जा रही है। प्रोसेसिंग उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक मशीनरी और उद्योग स्थापना में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब निजी क्षेत्र को भी कृषि व्यापार और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में आगे आने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योगपति निजी स्तर पर अनाज मंडी या फूड पार्क स्थापित करना चाहते हैं, तो सरकार उन्हें वही सभी सुविधाएं देगी जो सरकारी फूड पार्क में दी जाती हैं। उन्होंने उद्योग जगत से कहा कि वे अपनी क्षमता और संसाधनों के आधार पर प्रदेश में निजी फूड पार्क, प्रोसेसिंग यूनिट और अनाज मंडी स्थापित करें, जिससे किसानों को बेहतर बाजार, बेहतर मूल्य और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि उद्योग स्थापना के लिए भूमि, बिजली, पानी, टैक्स में रियायत और श्रम आधारित उद्योगों के लिए प्रति श्रमिक 5000 रुपये प्रतिमाह तक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना, एयर कार्गो और बेहतर रोड रेल कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जिले – जिले में कृषि आधारित उद्योग और फूड पार्क विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से अपील की कि वे मध्यप्रदेश में निवेश कर रोजगार सृजन में भागीदारी करें और किसान आय बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य निरंतर जारी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया गया है कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। आज यह गर्व का विषय है कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निवेश प्रदेश में आया है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और मध्यप्रदेश ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। हमारा दूसरा संकल्प देश की उस मूल भावना से जुड़ा है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। इसी सोच के साथ अन्नदाता किसानों, गरीबों, युवाओं और समाज के सबसे पीछे खड़े अंतिम व्यक्ति के समग्र विकास का लक्ष्य रखा गया है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के इसी संकल्प को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने यह वर्ष किसानों को समर्पित किया है, क्योंकि प्रदेश का विकास तभी संभव है जब किसान मजबूत और समृद्ध होगा। इंदौर, जो मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी है, उसने उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष रूप से दाल मिल उद्योग में इंदौर ने पूरे देश में नेतृत्व किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन की तीन दिवसीय प्रदर्शनी ग्रीन एक्स का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में दाल मिलिंग, मसाला मशीनरी, फ्लोर मिल, राइस मिल सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। इस प्रदर्शनी में कनाडा, तुर्की, ताइवान, स्पेन, ब्रिटेन, चीन, इंग्लैंड सहित भारत के विभिन्न शहरों से आई आधुनिक मशीनों का भी प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के पहले स्वामीनारायण मंदिर पहुँचकर दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।कार्यक्रम में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यापारी, दाल मिल संचालक एवं उद्योग जगत से जुड़े अन्य लोग उपस्थित थे।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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