पीड़ित परिवारों को केस छोड़ने के लिए 10 से 20 लाख का ऑफर
शब्द अग्नि न्यूज़ । लंदन/नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 की दोपहर एअर इंडिया का लंदन जा रहा प्लेन हादसे का शिकार हुआ था। लंदन के अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ की एअर इंडिया पर एक रिपोर्ट आई है। इसके मुताबिक एअर इंडिया ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन को अतिरिक्त मुआवजे के बदले केस करने का अधिकार छोड़ने का प्रस्ताव दिया है।
एयरलाइन परिवारों को अतिरिक्त 10 लाख की अंतिम राशि देकर समझौते की पेशकश कर रही है। | कुछ मामलों में यह 20 लाख रुपए तक है। परिवारों को यह शर्त माननी होगी कि वे भविष्य में हादसे से जुड़ा दावा नहीं करेंगे और सभी कानूनी जिम्मेदारियों से कंपनी को मुक्त करेंगे। यह छूट किसी भी देश या कोर्ट में लागू रहेगी।
लीगल टीम ने किया विरोध एअर इंडिया के इस प्रस्ताव का 130 पीड़ितों के परिवारों की लीगल टीम ने विरोध किया है। उसका कहना है कि जांच पूरी नहीं हुई है। जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। ऐसे में केस का अधिकार छोड़ने को कहना अनुचित है। कुछ घायल परिवारों का इलाज भी अभी जारी है। इस मामले में एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एअर इंडिया इस मुश्किल प्रक्रिया से गुजर रहे हर प्रभावित परिवार की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। शुरुआती अंतरिम राशि देने के बाद हमने यह तय किया है। कि हर परिवार को दी जाने वाली आखिरी रकम सही और कानून के हिसाब से हो।
सुप्रीम कोर्ट ने AAIB से 3 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
1. सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को केंद्र से विमान हादसे की जांच के ‘प्रोसिजरल प्रोटोकॉल’ की रिपोर्ट देने को कहा है। सरकार ने बताया कि एएआईबी की जांच अंतिम चरण में है । चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने एनजीओ सेफ्टी मैटर्स की तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि गंभीर
2.एक्सीडेंट के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की जरूरत होती है, न एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन बोर्ड (AAIB) की जांच की।
3. इस पर बेंच ने कहा कि आइब की जांच का नतीजा देखते हैं. फिर हम देखेंगे कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जरूरत होगी या नहीं।
४। इस पर भूषण ने कहा कि 8 हजार से ज्यादा पायलट कह रहे हैं कि बोइंग 787 सेफ नहीं है और इसे ग्राउंड कर देना चाहिए | AAIB जांच टीम में 5 सदस्य डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से हैं। 5. इस पर केंद्र और DGCAकी तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रशांत भूषण को संतुष्ट करने का एकमात्र तरीका खुद भूषण की अगुआई में कमेटी बनाना है।’ अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी।
Author: Shabd Agni
.
