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आज से रमजान का आग़ाज़, मस्जिदों में रौनक

पहली तरावीह आज रात, कल से पहला रोजा, इबादत, संयम और भाईचारे का माहौल

सेंधवा- एजाज़ मंसूरी : शब्द अग्नि न्यूज़

इस्लाम धर्म के सबसे मुक़द्दस और बरकतों से भरे माह रमजान का आज से आग़ाज़ हो गया है। चाँद दिखने की पुष्टि के बाद आज रात शहर सहित जिले भर की मस्जिदों में पहली तरावीह की नमाज़ अदा की जाएगी, जबकि कल से रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा। रमजान के आगमन के साथ ही शहर सहित पूरे जिले में रूहानियत, इबादत और आपसी भाईचारे का विशेष माहौल बन गया है।

मस्जिदें रौशन, दिलों में इबादत की रौशनी

रमजान की शुरुआत को लेकर शहर सहित जिले भर की मस्जिदों में विशेष साफ-सफाई कराई गई है। मस्जिदों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। आज नमाज़-ए-ईशा के बाद तरावीह की नमाज़ शुरू होगी, जिसमें बड़ी संख्या में रोजेदारों और नमाज़ियों की मौजूदगी रहेगी। पहली तरावीह के दौरान देश, प्रदेश और जिले में अमन-शांति व खुशहाली के लिए दुआएं की जाएंगी।

कल से पहला रोजा, सहरी और इफ्तार की तैयारियां

कल से रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा। रोजेदार सहरी से लेकर इफ्तार तक संयम, सब्र और आत्मनियंत्रण का पालन करते हुए रोजा रखेंगे। सहरी और इफ्तार के समय घरों, मस्जिदों और मोहल्लों में विशेष रौनक देखने को मिलेगी। इफ्तार के वक्त रोजेदार एक-दूसरे के साथ बैठकर रोजा खोलते हुए आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करेंगे।

नेकियों, कुरआन और दुआओं का महीना

धार्मिक विद्वानों के अनुसार रमजान सिर्फ रोजा रखने का महीना नहीं, बल्कि यह कुरआन की तिलावत, नमाज़, जकात और सदक़े के माध्यम से आत्मशुद्धि और इंसानियत को मजबूत करने का अवसर है। इस पवित्र महीने में की गई हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। रमजान सब्र, त्याग, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।

इफ्तार में खजूर का ख़ास और मुक़द्दस मक़ाम

रमज़ान में खजूर का बड़ा ही अहम और मुक़द्दस मक़ाम है। सुन्नत के मुताबिक़ रोज़ा खजूर से खोलना अफ़ज़ल माना गया है। खजूर बरकत की अलामत होने के साथ-साथ सेहत के लिहाज़ से भी बेहद मुफ़ीद है। रोज़े के बाद खजूर से फ़ौरन तवानाई मिलती है, जिस्म में शुगर का संतुलन बेहतर होता है और कमज़ोरी दूर होती है। यही वजह है कि रमज़ान में हर इफ्तार दस्तरख़्वान की शान खजूर मानी जाती है।

समाज में सौहार्द और इंसानियत का पैग़ाम

रमजान के दौरान जरूरतमंदों की मदद, गरीबों और बेसहारा लोगों को भोजन कराने की परंपरा भी देखने को मिलती है। सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा इफ्तार वितरण और सेवा कार्य किए जाते हैं, जिससे समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना और मजबूत होती है।

प्रशासन से बेहतर व्यवस्थाओं की अपेक्षा

धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने रमजान माह के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, स्ट्रीट लाइट और कानून-व्यवस्था की सुचारु व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है, ताकि रोजेदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

रमजान के इस मुबारक महीने की शुरुआत के साथ ही सेंधवा शहर जिला बड़वानी में हर ओर इबादत की रौनक, दिलों में सुकून और समाज में अमन व भाईचारे का संदेश गूंज उठा है। यह पवित्र माह इंसानियत, शांति और एकता का पैग़ाम लेकर आया है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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