शब्द अग्नि न्यूज़ । इंदौर। प्रॉपर्टी बाजार के लिए साल के सबसे व्यस्त माने जाने वाले ‘जनवरी से मार्च’ के क्वार्टर में इस बार इंदौर के रजिस्ट्रार कार्यालयों की रौनक गायब है। जहां हर साल इन दिनों अतिरिक्त स्लॉट और देर रात तक काम की जरूरत पड़ती थी, वहीं इस साल जनवरी में जमीनों और मकानों की रजिस्ट्री में 8.11% की गिरावट दर्ज की गई है। विभाग के अनुसार, 1 करोड़ से अधिक मूल्य वाली प्रीमियम प्रॉपर्टीज की रजिस्ट्रियों में इस बार निवेशकों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जनवरी के लिए 2,613 करोड़ का भारी-भरकम लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन विभाग केवल 1,981 करोड़ ही वसूल पाया। सबसे ज्यादा असर इंदौर-1 (मोती तबेला ) कार्यालय में देखा गया है, जहां राजस्व में 10% से अधिक की कमी आई है। इंदौर-1 पंजीयन कार्यालय के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल न केवल दस्तावेज कम हुए हैं, बल्कि सरकारी खजाने में आने वाला पैसा भी घटा है। जनवरी 2025 में 525.26 करोड़ मिले थे, जो जनवरी 2026 में घटकर 471.24 करोड़ रह गए (54 करोड़ का सीधा घाटा)। पिछले साल 17,247 रजिस्ट्रियां हुई थीं, जो इस बार घटकर 15,849 रह गई।
Author: Shabd Agni
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