घुमंतू समुदायों और भक्तिकालीन साहित्य पर विशेषज्ञ करेंगे मंथन
शब्द अग्नि न्यूज़ । उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की हिंदी अध्ययनशाला 23 और 24 फरवरी को एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रही है। यह संगोष्ठी घुमंतू एवं विमुक्त समुदायों की परंपरा, साहित्य-संस्कृति और भक्तिकालीन साहित्य पर केंद्रित होगी। इसमें देशभर से विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल होंगे।
यह दो दिवसीय आयोजन पीएम उषा योजना के तहत हो रहा है। एमपी कॉन, भोपाल इस संगोष्ठी में सहयोग कर रहा है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से विशेषज्ञ, शोधकर्ता और विद्वान हिस्सा लेंगे। विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा और मुख्य समन्वयक प्रोफेसर जगदीश चंद्र शर्मा ने बताया कि संगोष्ठी का आयोजन विश्वविद्यालय के वाग्देवी भवन स्थित राष्ट्रभाषा सभागार में होगा। यह प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। दो दिन तक इन विषयों पर होगी चर्चा संगोष्ठी के पहले दिन, 23 फरवरी को ‘विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों की परंपराओं में लोक साहित्य एवं संस्कृति के विविध आयाम’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में इन समुदायों की सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक योगदान पर गहन चर्चा होगी। समापन दिवस, 24 फरवरी को ‘भक्तिकालीन साहित्यः विविध धाराओं का वैशिष्ट्य और युगीन प्रासंगिकता’ विषय पर विचार-विमर्श होगा। इसमें भक्तिकालीन साहित्य की विभिन्न धाराओं, उनके सामाजिक प्रभाव और वर्तमान संदर्भ में उनकी प्रासंगिकता पर गहन चर्चा की जाएगी।
Author: Shabd Agni
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