लोकायुक्त ने बिचौलिए को रंगे हाथ पकड़ा
शब्द अग्नि/ नौशाद अली
बड़वानी। महिला एवं बाल विकास विभाग में मानदेय जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते एक बिचौलिए को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में परियोजना अधिकारी और विभाग के एक भृत्य के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम संगोदा बेडीपुरा निवासी उर्मिला सोलंकी आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। नियुक्ति के लगभग आठ माह बाद भी उन्हें मानदेय प्राप्त नहीं हुआ था। आरोप है कि मानदेय की राशि जारी कराने के एवज में महिला एवं बाल विकास विभाग, परियोजना ठीकरी के परियोजना अधिकारी धन्नालाल दांगी एवं भृत्य दिनेश खतवासे ने आपसी मिलीभगत से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
उर्मिला सोलंकी ने इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में की। शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में विशेष ट्रैप दल का गठन किया गया।
भृत्य के कहने पर बिचौलिए ने ली रिश्वत
लोकायुक्त की योजना के तहत मंगलवार को शिकायतकर्ता रिश्वत की राशि लेकर निर्धारित स्थान पर पहुंची। आरोप है कि भृत्य दिनेश खतवासे के कहने पर राजेश पाटीदार, जो स्थानीय स्तर पर चाय की दुकान संचालित करता है, ने पांच हजार रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त की। इसी दौरान पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार आरोपितों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
ट्रैप दल में ये अधिकारी रहे शामिल
कार्रवाई में कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, आरक्षक विजय कुमार, आशीष नायडू, पवन पटोरिया, कमलेश परिहार, मनीष माथुर एवं प्रभात मोरे सहित लोकायुक्त की टीम शामिल रही।
Author: Shabd Agni
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