शब्द अग्नि / अलीराजपुर

आलीराजपुर। कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर के निर्देशन में जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में संचालित कियोस्क सेंटर संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों को उर्वरक वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं नियमानुसार संचालित करने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एसडीएम ने निर्देशित किया कि किसानों के लिए ई-टोकन पूरी तरह व्यवस्थित एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप ही जनरेट किए जाएं। ई-टोकन बनाते समय किसान से उसकी वास्तविक फसल की जानकारी प्राप्त कर उसी के अनुरूप उर्वरक की मांग दर्ज की जाए। किसानों की पात्रता के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही खाद की मात्रा दर्ज की जाए। साथ ही निर्देश दिए गए कि यथासंभव किसान को आवश्यक सभी प्रकार के उर्वरक एक ही केंद्र से उपलब्ध कराने हेतु उपयुक्त केंद्र का चयन किया जाए।

साथ ही ई-टोकन जारी करते समय किसान को देय राशि की जानकारी तत्काल अवगत कराई जाए। उर्वरक वितरण में शासकीय एवं सहकारी (कोऑपरेटिव) केंद्रों को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में कियोस्क सेंटर संचालकों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि ई-टोकन जनरेशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा नियमों की अवहेलना स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई कियोस्क सेंटर संचालक लगातार त्रुटियां करता पाया जाता है या निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने सभी कियोस्क संचालकों से किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।