कुप्रथा को लेकर समाज हो रहा है जागरूक, विभाग के दल ने उम्र का परीक्षण कर समाजजनों को दिया बाल विवाह में शामिल न होने का संदेश
शब्द अग्नि न्यूज़ । इंदौर। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को लेकर समाज धीरे-धीरे जागरूक होने लगा है। कल हुए प्रजापत समाज के सामूहिक विवाह में शिकायत के आधार पर जांच करने पहुंचे दल को सभी जोड़े बालिग मिले। उन्होंने आयोजन स्थल पर ही समाज जनों को बाल विवाह न करने और उसमें शामिल नहीं होने की शपथ दिलाते हुए अधिनियम की जानकारी दी।
जिले में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिंह के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकथाम को लेकर सतत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्कूल, समुदाय और सेवा प्रदाताओं तक अधिनियम की जानकारी पहुंचाने से लोग अब जागरुक होने लगे हैं। इसका उदाहरण कल दलाल बाग में आयोजित सकल पंच मारू प्रजापत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में देखने को मिला।
शिकायत के आधार पर जांच करने पहुंचे उड़नदस्ता कोर ग्रुप के महेंद्र पाठक, संगीता सिंह और सुपरवाइजर पुष्प लता यादव ने जब आयोजन समिति से सभी जोड़ों के दस्तावेज मांगे तो उन्होंने तुरंत फाइल सामने रखी जिसमें प्रत्येक वर वधू की जन्म तिथि को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज थे। दो जोड़ों के आधार कार्ड मिलने पर आयोजन समिति को समझाइश दी गई की आधार कार्ड उम्र का प्रमाण नहीं है। आयोजन समिति के पदाधिकारी को यह भी बताया कि आमंत्रण पत्र प्रकाशित करते समय श्री सकल स्पीच मारू प्रजाप स्पंच मारु उसमें जन्मतिथि का उल्लेख अवश्य करें यही नहीं सूची के साथ भी जन्मतिथि अंकित होना चाहिए। सदस्य संगीता सिंह उपस्थित जन समुदाय को अधिनियम की जानकारी दी और पाठक ने समाज जनों को बाल विवाह न करने और उसमें शामिल न होने की शपथ दिलाई।
Author: Shabd Agni
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