दारूल उलूम मदरसा आयशा सिद्दिका लिल बनात का सालाना जलसा भव्य रूप से संपन्न
शब्द अग्नि न्यूज़ । देवास ज़िले के खेड़ा खुर्द गांव में स्थित दारूल उलूम मदरसा आइशा सिद्दिका लिल बनात में सालाना जलसे का आयोजन बड़े ही अदब, एहतराम और दीनी माहौल के साथ किया गया। जलसे में क्षेत्र के उलेमा-ए-कराम, समाज के जिम्मेदार लोग, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-क़ुरआन-ए-पाक से हुई। इसके बाद नात-ए-पाक पेश की गई, जिससे पूरा माहौल रूहानियत से भर गया। मदरसे की छात्राओं ने दीनी तक़रीरें और नात पेश कर अपनी तालीमी और अख़लाक़ी तरक्की की प्रस्तुति दी मुख्य वक्ता मौलाना हबीबुल्लाह मदनी साहब ने अपने प्रभावशाली बयान में कहा कि बच्चों की बेहतर दीनी तालीम और सही तरबियत मां-बाप की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज का दौर फितनों का दौर है, ऐसे में बच्चों को दीन से जोड़ना और उन्हें सही राह दिखाना बेहद ज़रूरी हो गया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी औलाद को मदरसों से जोड़ें और उनकी दीनी तालीम पर खास ध्यान दें।
मदरसे इंसानियत का केन्द्र :मुफ्ती अहमद

जमीयत उलेमा ऐ हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष, मुफ्ती अहमद साहब, ने अपने संबोधन में मदरसों की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि मदरसे इल्म, अमल और अख़लाक़ का केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि इन दीनी संस्थानों की कदर करना और उनका सहयोग करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है, क्योंकि यहीं से नेक और अच्छे इंसान तैयार होते हैं।
मुफ्ती सूफियान की सादगी

कार्यक्रम में आमंत्रित सभी आगंतुकों के लिए मंच बनाया गया कई धर्म गुरु मंच पर बैठे थे देवास जिले में ही नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में मुस्लिम समाज में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले हाजी मोहिउद्दीन उर्फ बब्बू भाई के बेटे मुफ्ती सूफियान जलसे में आम लोगों के बीच जमीन पर बैठ गए एक सम्माननीय परिवार के वंशज होते हुए भी मुफ्ती सूफियान की इस सादगी से साफ पता चलता है कि भविष्य में मुस्लिम समाज को एक बेहद संजीदा और जमीनी धर्मगुरु मिलने वाला है
मुल्क में की तरक्की और अमन की दुआ
कार्यक्रम में दुआ महाराष्ट्र जमीयत के कारी युनुस साहब ने मुल्क में तरक्की और अमन चैन भाईचारे की दुआ की, कार्यक्रम में विशेष अतिथि हाजी मोहिउद्दीन उर्फ भब्बू भाई, मुफ्ती मुसअब जिलानी खरगौन वाले, मुफ्ती सूफियान, मौलाना रईस नदवी, मुफ्ती शमशुद्दीन सीहोर वाले, काज़ी इकरामउल्लाह सहित आसपास के जिलों के कई उलेमा शामिल हुए कार्यक्रम का संचालन मदरसे के संचालक हाफिज शकील शिराजी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
Author: Shabd Agni
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