भाजपा के दबाव में पुलिस दर्ज ने नहीं कर रही एफआईआर शिकायतकर्ता पहुँचा कोर्ट परिवाद दायर
यासिर पठान / इन्दौर । नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही से दूषित पानी पीने के कारण 20 लोगों की मौत के बाद भी अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई मामले में गैर इरादातन हत्या की एफआईआर दर्ज करवाने के लिए स्थानीय मोहता नगर के निवासी रामु पिता रूपसिंह ने बड़गंगा थाने पर आवेदन दिया लेकिन वहां से उसे टरका दिया गया बताया जाता है कि भाजपा के दबाव के कारण जिम्मेदार अधिकारियों पर मामला दर्ज कर कार्यवाही नहीं की जा रही है
इन पर हो गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में गुहार लगाई है कि भागीरथपुरा कांड में तत्कालीन नगर निगम कमीश्नर शिवम वर्मा, नगर निगम कमीश्नर दिलीप यादव, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, जल वितरण कार्य विभाग के इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव आदि पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाकर बी एन एस की धारा 105, 106, 125,127 सहित अन्य विभिन्न धाराओं में कार्यवाही करना चाहिए जिसको लेकर शिकायकर्ता को ओर से एडवोकेट दिलीप नागर ने किया इंदौर कोर्ट में परिवाद दायर
तथ्यों से स्पष्टरूप से हो रही निगम अधिकारियों की लापरवाही उजागर
शिकायतकर्ता ने बताया कि वो गंदे दूषित पानी की शिकायत लगातार पिछले तीन सालों से कर रहा है लेकिन निगम अधिकारी कुंभकर्ण की नींद सोए रहे निगम अधिकारियों ने कभी कोई सुध नहीं ली शिकायतकर्ता ने बाकायदा उसके द्वारा पूर्व में की गई शिकायतों का हवाला देते हुए बताया कि मेयर इन काउंसिल मे 25 नवम्बर 2022 को संकल्प क्रमांक 106 किया गया जिसके पश्चात 24 नवम्बर 2024 को इस संबंध में ठहराव प्रस्ताव हुआ जिसके उपरांत आवश्यक कार्यवाही के लिए निविदा समिति को भेजा जाने वाला प्रपत्र 30 जुलाई 2025 को भेजा गया इसके बावजूद भी संबंधित निगम अधिकारियों द्वारा समय पर टेंडर जारी नहीं करते हुए घोर लापरवाही बरती जिस कर आज बीस घरों से अर्थियों को उठी साथ ही सैकड़ों लोग जिंदगी मौत से जूझ रहे है
लगातार शिकायत करने के बाद भी नगर निगम के अफसर कुंभकर्ण की नींद सोए रहे
जैसे जैसे समय बीतते जा रहा है सच्चाई सामने आती जा रही है कि भागीरथपुरा मामले में किस तरह नगर निगम के अधिकारियों द्वारा सिर्फ अफसर शाही का रुतबा कायम रखने लगे रहे अफसरों ने अपनी जिम्मेदारीयो से मुँह फेरते रहे जिसका खामियाजा 20 निर्दोष मासूम लोगों को अपनी जान गंवा कर भुगतना पड़ा तथा सैकड़ों अस्पताल में मौत से लड़ रहे है शिकायतकर्ता द्वारा लगातार सी एम हेल्प लाईन मेयर हेल्प लाइन में कई बार शिकायत की लेकिन अधिकारीयो के कान पर जूं तक नहीं रेंगी
Author: Shabd Agni
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