अटलजी भाषा से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे : मुख्यमंत्री मोहन यादव
शब्द अग्नि / भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्र सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वे हिमालय के समान विराट व्यक्तित्व के धनी थे। पूरी दुनिया में में उनका एक अलग ही सम्मान है। वे भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे आज आंध्र प्रदेश उनके जन्मशताब्दी वर्ष में 15 दिवसीय अटल ज्योति संदेश यात्रा की शुरुआत हुई है। यह यात्रा आंध्र प्रदेश के 20 जिलों तक पहुंचेगी और 25 दिसंबर स्व. वाजपेयी की जयंती के अवसर पर यात्रा का समापन होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश के सत्य साई जिले के धर्मावरम में स्व. वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है। स्व. वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1923 को ग्वालियर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा के बल पर नाम कमाया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ श्री वाजपेयी के घनिष्ठ संबंध रहे। उनके कार्यकाल में ही श्री नायडू एनडीए के प्रेसिडेंट बने थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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Author: Shabd Agni
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