कार्रवाई रुकवाने के नाम पर उगाही का आरोप, पार्षद ने बताया झूठा बेबुनियाद
शब्द अग्नि / यासिर पठान / इंदौर खजराना क्षेत्र की न्यू दाऊदी कॉलोनी में मास्टर प्लान की आरई-2 योजना को लेकर विवाद अब सड़कों से निकलकर थाने और कलेक्टरेट तक पहुंच गया है। कॉलोनी के कुछ स्थानीय निवासियों ने वार्ड पार्षद रूबीना इकबाल खान के पुत्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना खजराना में शिकायत दर्ज कराई है और एफआईआर की मांग की है।
अफवाह या दबाव की रणनीति?

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पार्षद पुत्र द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट प्रसारित की गई, जिसमें दावा किया गया कि आरई-2 रोड के आसपास स्थित लगभग 60 मकानों को तत्काल तोड़ा जाना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जानकारी न तो प्रशासनिक रूप से प्रमाणित है और न ही आधिकारिक, इसके बावजूद इसे जानबूझकर फैलाकर क्षेत्र में भय, भ्रम और दहशत का माहौल बनाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसी डर के माहौल के बीच कार्रवाई रुकवाने के नाम पर पैसों की मांग की जा रही थी, हालांकि इस बिंदु पर अब तक कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पार्षद का पलटवार—भू-माफिया पर गंभीर आरोप

मामले ने तब नया मोड़ लिया जब वार्ड पार्षद रूबीना इकबाल खान स्वयं कलेक्टर से मिलने पहुंचीं। उन्होंने सभी आरोपों को झूठा, बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि उनके पुत्र द्वारा किसी भी प्रकार की राशि की मांग नहीं की गई है।
पार्षद का आरोप है कि स्थानीय कॉलोनाइज़र और भू-माफिया, जिनकी अवैध कॉलोनियां और निर्माण आरई-2 योजना की जद में आ रहे हैं, वही लोग अपने हितों को बचाने के लिए सोची-समझी रणनीति के तहत परिवार को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा “प्रशासन निष्पक्ष जांच करे, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।” कलेक्टर द्वारा पूरे मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात भी सामने आई है।
असल जड़—आरई-2 सड़क योजना

पूरा विवाद मास्टर प्लान की आरई फेस-2 सड़क योजना से जुड़ा है। प्रशासन कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए गए।
अब जब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है, तो राजनीतिक रसूख, कॉलोनाइज़र लॉबी और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं।
सवाल जो जवाब मांगते हैं
क्या सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी अफवाह थी या अंदरूनी सूचना? क्या वाकई कार्रवाई रुकवाने के नाम पर उगाही की कोशिश हुई ? क्या यह सब अवैध निर्माण बचाने के लिए रची गई राजनीतिक साजिश है? न्यू दाऊदी कॉलोनी में फिलहाल तनाव, भ्रम और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, क्योंकि सच सामने आने के बाद ही तय होगा—यह उगाही का मामला है या भू-माफिया की चाल।
Author: Shabd Agni
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