कांग्रेस ने उज्जैन में जताया विरोध, हजारों नाम हटाने का दावा
शब्द अग्नि न्यूज़ । उज्जैन। मध्य प्रदेश में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर उज्जैन में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया की आड़ में चुनिंदा रूप से कांग्रेस विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं।
गुरुवार को तराना विधायक महेश परमार के नेतृत्व में एक कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने संकुल भवन स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जिला निर्वाचन अधिकारी को इस पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान नागदा के पूर्व विधायक दिलीप गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महेश परमार ने आरोप लगाया कि उज्जैन जिले की सभी विधानसभा सीटों नागदा- खाचरौद, महिदपुर, तराना, घट्टिया बड़नगर, उज्जैन उत्तर और उज्जैन दक्षिण में हजारों वैध मतदाताओं के नाम फॉर्म-7 के माध्यम से बिना समुचित जांच के हटाए जा रहे हैं। परमार ने दावा किया कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म भरवाए गए थे, जिसकी एक प्रति मतदाता के पास और दूसरी बीएलओ के पास है। इसके बावजूद फर्जी आपत्तियां लगाकर नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। महेश परमार ने आगे दावा किया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 15 से 20 हजार कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में एक साथ तीन-चार नामों पर आपत्ति दर्ज कराई जा रही है, जबकि आपत्ति दर्ज कराने वाला व्यक्ति सत्यापन के समय उपस्थित नहीं होता। पूर्व विधायक दिलीप गुर्जर ने कहा कि सैकड़ों लोग एसडीएम कार्यालय गए थे और उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अब भारतीय जनता पार्टी के लोग इन नामों को क्यों चुनौती दे रहे हैं। गुर्जर ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
Author: Shabd Agni
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