भागीरथपुरा दूषित पानी पर प्रदेश भर में हो रही राजनीति विपक्ष घेर रहा भाजपा को वही भाजपा झाड़ रही पल्ला
शब्द अग्नि/इंदौर। नगर निगम मुख्यालय में कई स्थानों पर कांग्रेसी नेताओं ने भागीरथपुरा में हुए घटनाक्रम को लेकर कंट्रोल रूम और उसके आसपास के कई विभागों की दीवारों पर पोस्टर चस्पा कर दिए, जिनमें यमराज और ‘कमलछाप’ मौत का पानी बांटने का आरोप लगाया गया है। जब कई कर्मचारी निगम मुख्यालय पहुंचे तो अलग-अलग स्थानों पर पोस्टर लगे देखकर अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर पोस्टर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
कांग्रेस ने पोस्टरों में आरोप लगाया था कि नरभक्षी निगम द्वारा भागीरथपुरा में यमराज और ‘कमलछाप’ मौत का पानी बांटा गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा शासित इंदौर नगर
यमराज कमल छाप मौत का पानी सप्लाई कर रही है
निगम की घोर लापरवाही अब जनसंहार का रूप ले चुकी है। भागीरथपुरा क्षेत्र में ड्रेनेज और गंदे पानी की समस्या के कारण अब तक 10 निर्दोष नागरिकों की मौत हो चुकी है। कई लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं,
यमराज कमल छाप मौत का पानी
तथाकथित दूषित “स्मार्ट सिटी” बनाया शहर को
कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि हकीकत यह है कि नलों से जहर बह रहा है और भाजपा के जनप्रतिनिधि सिर्फ प्रचार में व्यस्त हैं। आज हालात ऐसे हैं कि इंदौर में यमराज भी कमल के साथ दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल ने मांग की है कि मृतकों के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए। यदि भाजपा शासित नगर निगम ने अब भी जिम्मेदारी नहीं ली, तो कांग्रेस मजबूर होकर सड़क से लेकर आंदोलन तक जाएगी और इस “मौत के नगर निगम” को जनता के कटघरे में खड़ा करेगी।
Author: Shabd Agni
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