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प्राकृतिक पर्यटन व टेंपल टूरिज्म का बढ़ा क्रेज

रीवा में न्यू ईयर सेलिब्रेशन का क्रेज : होम स्टे 80% तक बुक
शब्द अग्नि / रीवा। नववर्ष के जश्न को लेकर 31 दिसंबर और 1 जनवरी को रीवा जिले में पर्यटन स्थल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। सर्द मौसम, छुट्टी और विंध्य क्षेत्र की प्राकृतिक व धार्मिक पहचान के चलते बडी संख्या में पर्यटक रीवा का रुख कर रहे हैं। हालात यह हैं कि शहर के लगभग सभी होटल पूरी तरह से हाउसफुल होने की कगार पर हैं, ऐसे में सेमरिया क्षेत्र के पुरवा में बने होम स्टे का पर्यटक रूख कर रहे हैं। अब तक होम स्टे ऑनलाइन और ऑफ़लाइन माध्यम से करीब 80 प्रतिशत बुक हो चुके हैं।

पुरवा के होम स्टे में ग्रामीण जीवन का अनोखा अनुभव

न्यू ईयर पर इस बार रीवा के ग्रामीण इलाकों में स्थित होम स्टे पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। सेमरिया क्षेत्र के पुरवा में बनाए गए 10 होम- स्टे खासतौर पर चर्चा में हैं। संचालक अभय मिश्रा बताते हैं कि अब तक करीब 80 प्रतिशत तक बुकिंग हो चुकी है। यह बुकिंग ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों माध्यम से हुई है। यहां आने वाले पर्यटकों को सिर्फ ठहरने की सुविधा ही नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन का जीवंत अनुभव कराया जाता है। होम स्टे संचालक के मुताबिक, पर्यटकों को बैलगाड़ी से गांव की सैर कराई जाती है। इस दौरान उन्हें गांव की गलियां, खेत, तालाब और ग्रामीण दिनचर्या को करीब से देखने का मौका मिलता है। पर्यटकों को बसामन मामा गौवंश विहार, पुरवा गांव और चचाई फॉल की सैर भी कराई जाती है। इस दौरान स्थानीय लोग पर्यटकों को गांव की संस्कृति, परंपराएं और ग्रामीणों की जीवनशैली के बारे में जानकारी देते हैं। खास बात यह है कि यहां आने वाले सैलानियों को शुद्ध देशी बघेली भोजन परोसा जाता है, जिसमें पारंपरिक स्वाद और स्थानीय व्यंजन शामिल है। शाम के समय बघेली लोकगीत और लोकसंगीत के माध्यम से पर्यटकों का मनोरंजन किया जाता है, जिससे वे खुद को गांव के माहौल से पूरी तरह जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। प्रेम-स्टे संचालक का कहना है कि शहरी भागदौड़ से दूर सुकून और अपनापन खोज रहे पर्यटक इस तरह के अनुभव को खूब पसंद करते हैं।
रीवा के पर्यटन को मिली नई ऊंचाई
कुल मिलाकर, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को न्यू ईयर सेलिब्रेशन से रीवा के पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी। होटल, होम स्टे, स्थानीय कारोबार और ग्रामीण पर्यटन सभी को इसका सीधा फायदा मिलेगा। प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और ग्रामीण संस्कृति के अनोखे संगम ने रीवा को एक बार फिर पर्यटकों की पसंदीदा जगह बना दिया है। उम्मीद है कि यह रुझान आने वाले दिनों में भी बना रहेगा और रीवा विंध्य क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
यहां रहेगी पर्यटकों की सबसे ज्यादा भीड़
रीवा किला, महामृत्युंजय मंदिर, देवतालाब, चिरहुला मंदिर, गुढ़ का भैरवनाथ मंदिर, बसामन मामा मंदिर, गोविन्दगढ़ किला, अष्टभुजी मंदिर, मनकामनेश्वर मंदिर, रानी तालाब, कोठी कंपाउंड, देउर कोठार, क्योटी, बहुती, चचाई, पुरवा फाल, अड़गड़नाथ मंदिर सोहागी ।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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