पिछले पाँच सालों में धन्ना सेठों के 6.15 लाख करोड़ रुपये माफ लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया
शब्द अग्नि / नई दिल्ली । लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पिछले पाँच वित्तीय वर्षों और वर्तमान वित्त वर्ष (30 सितंबर 2025 तक) के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ₹6.15 लाख करोड़ से अधिक के ऋण माफ किए हैं।

गरीब का छोटा कर्ज़ चुकता न होने पर नोटिस, वसूली और कुर्की
देश की आम जनता महँगाई और बेरोजगारी से जूझती रही, लेकिन सरकार के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पिछले पाँच वर्षों में ₹6.15 लाख करोड़ से अधिक का लोन अमीरों का “माफ” कर दिया। गरीब का छोटा कर्ज़ चुकता न होने पर नोटिस, वसूली और कुर्की—लेकिन बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हजारों करोड़ रुपए कागज़ पर गायब कर दिए जाते हैं। सरकार कहती है “लिखा-ऑफ माफी नहीं है”, लेकिन सच्चाई यह है कि जनता के लिए कुछ नहीं, और बड़े उद्योगपतियों के लिए बैंकों के दरवाज़े हमेशा खुले—यह फैसला फिर उसी दोहरे रवैये को उजागर करता है।
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Author: Shabd Agni
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