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February 12, 2026 12:25 pm

उज्जैन -जावरा एक्सिस कंट्रोल रोड का विरोध करने पहुंचे किसान

MPRDC कार्यालय के बाहर नारेबाजी की, मांगों को लेकर प्रबंधक के पांव पकड़े
शब्द अग्नि / उज्जैन। करीब 2500 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले उज्जैन – जावरा एक्सिस कंट्रोल रोड के विरोध में किसानों ने सोमवार को एमपीआरडीसी कार्यालय का घेराव कर दिया। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांग रखी और नारेबाजी की। इस दौरान एक बुजुर्ग किसान अपनी मांग को लेकर एमपीआरडीसी के अधिकारी के पांव पकड़ लिए। किसानों की मांग है की उन्हें उचित मुआवजा देकर सड़क की ऊंचाई कम की जाए। मांगरोल से जावरा तक बनने वाले फोरलेन को लेकर किसान लगातार विरोध कर रहे हैं। सोमवार को करीब 50 से अधिक किसान शहर के फ्रीगंज स्थित एमपीआरडीसी के कार्यालय पहुंचे। यहां किसानों ने नारेबाजी करते हुए बाजार रेट से मुआवजा देने और सड़क की ऊंचाई कम करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसान पंकज भाटी ने बताया कि 10 बीघा जमीन रोड में जा रही है। रोड की वजह से खेत भी दो भागों में बंट रहा है। मोहनपुरा के किसानों ने बताया कि एक बीघा जमीन का मुआवजा करीब 16 लाख रुपए मिल रहा है जबकि बाजार भाव करीब एक करोड़ से अधिक मूल्य है। प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग किसान अपनी मांगों को लेकर एमपीआरडीसी के अधिकारी के पैर में गिरकर गिड़गिड़ाने लगा।
ऐसा बनेगा रोड
केसा होगा ? जावरा उज्जैन ग्रीन एक्सिस रोड
करीब 2500 करोड़ रुपए से बनाया जा रहा है। जिसमें करीब 62 गांव किसान की 4000 किसान की जमीन अधिग्रहण की जा रही है। जल्द ही रोड काम शुरू हो जाएगा। रूस की कंपनी को टेंडर दिया गया है। कंपनी दो साल में रोड बनाकर सरकार को सौंपेगी। एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक विजय सिंह ने बताया किसानों की मांग को लेकर अधिकारियों से बात की उसका समाधान वहीं से होगा। 7 इंटरचेंज, 5 फ्लाईओवर और 2 रेलवे ओवरब्रिज बनेंगे इस हाईवे पर 7 बड़े पुल, 26 छोटे पुल, 270 पुलिया, 5 फ्लाईओवर और 2 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होगा। उज्जैन की महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। उज्जैन और जावरा के बीच 7 जगह इंटरचेंज बनाए जाएंगे। इससे हाईवे पर ट्रैफिक बाधित नहीं होगा और आसपास के इलाकों को वैकल्पिक मार्ग (अंडरपास ) से जोड़ा जाएगा।

दिल्ली – मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे से मिलेगी कनेक्टिविटी दिल्ली –

मुंबई 8 – लेन एक्सप्रेसवे का 245 किमी हिस्सा मध्यप्रदेश के मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिलों से गुजरेगा। इन जिलों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 7 जगह इंटरचेंज दिए जाएंगे। मंदसौर के गरोठ और रतलाम के जावरा में लॉजिस्टिक्स हब बनेगा, जिससे औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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