शब्द अग्नि / इंदौर। महू से इंदौर रेस्क्यू कर लाई गई घायल मादा तेंदुए को वन विभाग वापस लेने में आनाकानी कर रहा है। जानकारी के अनुसार, इंदौर पहुंचने पर मादा तेंदुए का एक पंजा पहले से घायल था। चिड़ियाघर के डॉक्टर ने पंजे को उसके पैर से अलग कर लगभग स्वस्थ कर दिया।
इसके बाद से ही इंदौर चिड़ियाघर प्रबंधन ने कई बार लिखित और मौखिक रूप से वन विभाग इंदौर से अनुरोध किया कि इसे अपने रेस्क्यू सेंटर, भोपाल फॉरेस्ट, ले जाए। लेकिन वन विभाग अब इसे वापस लेने में आनाकानी कर रहा है। इंदौर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में भोपाल के वन विहार सहित प्रदेश के अन्य फॉरेस्ट रेस्क्यू सेंटर के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं, लेकिन किसी भी रेस्क्यू सेंटर में जगह उपलब्ध नहीं है। चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, उनके यहां भी जगह सीमित है। और वे मादा तेंदुए को अधिक समय तक नहीं रख सकते। महू से तेंदुआ को वन विभाग के शिकारी के फंदे से बचाकर लाया गया था। तब इसके एक पैर में फ्रैक्चर और पंजा घायल था।
इलाज के दौरान पैर में प्लास्टर बांधा गया, लेकिन तेंदुए ने उसे चीर-फाड़ कर घायल पंजे को भी कुतर दिया। इंफेक्शन से बचाने के लिए पैर की सर्जरी करनी पड़ी। अब यह तेंदुआ केवल तीन पंजों पर चल-फिर सकती है, इसलिए इसे जंगल में छोड़ना संभव नहीं है। दतोदा हरसोला रोड के पास तीखी पहाड़ी पर लगभग 5-6 साल की मादा तेंदुआ क्लच वायर की बाड़ में फसी मिली थी। यह घटना नवंबर महीने के दोपहर लगभग 12:30 बजे हुई थी। सूचना मिलते ही महू और इंदौर के वन अधिकारी तथा रालामंडल रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तेंदुए को रेस्क्यू कर इंदौर चिड़ियाघर भेजा गया।
Author: Shabd Agni
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