शब्द अग्नि न्यूज़ / इंदौर। नगर निगम ने शहर के महत्वपूर्ण शास्त्री ब्रिज की सुरक्षा और सुंदरता को बढ़ाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया है। इस योजना के अंतर्गत पूरे शास्त्री ब्रिज के फुटपाथों की खुदाई की जा रही है। उसके साथ सड़कों की मरम्मत भी अब शुरू हो गई है।
यहां ब्रिज में पुराने ढांचे को हटाकर केमिकलयुक्त विशेष मटेरियल भरा गया है, जिसके ऊपर नई और अधिक भार क्षमता वाली हैवी इंटरलाकिंग टाइल्स लगाई जा रही हैं। यह कदम ब्रिज की आधारभूत संरचना को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। निगम अधिकारियों ने पिछले दिनों एसजीएसेथ शास्त्री ब्रिज का संयुक्त दौरा किया था। इस निरीक्षण में यह बात सामने आई कि चूहों द्वारा की जा रही खुदाई से ब्रिज का आंतरिक हिस्सा खोखला हो रहा है। विशेषज्ञों की सलाह पर तैयार कार्ययोजना के तहत अब फुटपाथ की जमीन पर केमिकलयुक्त मटेरियल के साथ कांच के टुकड़ों की एक परत भी बिछाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य चूहों को जमीन के भीतर सुरंग बनाने से रोकना है ताकि भविष्य में ब्रिज को किसी भी प्रकार के संरचनात्मक नुकसान से बचाया जा सके। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर के अनुसार सुधार का यह कार्य केवल ब्रिज तक सीमित नहीं है। रीगल स्थित गांधी प्रतिमा परिसर में भी चूहों के कारण जमीन खोखली होने की शिकायतें मिली थीं, जिसे देखते हुए वहां भी इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन और रीगल के आसपास के अन्य हिस्सों में भी पुरानी टाइल्स को हटाकर नई हैवी लॉकिंग टाइल्स लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि पैदल चलने वालों को बेहतर सुविधा मिल सके।
Author: Shabd Agni
.
