45 नकली नोट और प्रिंटर कैमिकल जब्त
शब्द अग्नि /इंदौर। क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया के जरिए नकली नोटों का सौदा करने वाले गिरोह के एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 45 नकली नोट, एक प्रिंटर और नोट छापने में उपयोग होने वाला केमिकल बरामद किया गया है। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के नेतृत्व में टीम ने नकली नोट कांड में फरार चल रहे आरोपी अंकित बोरासी निवासी बाणगंगा को पकड़ा है। इससे पहले क्राइम ब्रांच ऋषिकेश टोंडे, वंश केथवास, रितेश नागर और अंकुश यादव को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ के दौरान इन्हीं आरोपियों ने अंकित बोरासी की भूमिका का खुलासा किया था। क्राइम ब्रांच के मुताबिक अंकित के पास से एक प्रिंटर और 45 नकली नोट बरामद हुए हैं। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से गुजरात के एक युवक से संपर्क बढ़ाया था। बातचीत के दौरान 50 हजार रुपए के नकली नोट देने के बदले 20 हजार रुपए लेने की डील तय हुई थी। गुजरात के युवक ने आरोपियों को नकली नोट छापने का तरीका और उसमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल की जानकारी भी दी थी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब 2 लाख रुपए के नकली नोट मंगवाए थे, जिनकी डिलीवरी झाबुआ के पास दी गई थी। इसके बाद आरोपी अपने अन्य साथियों से संपर्क कर इन नोटों को बाजार में खपाने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान क्राइम ब्रांच को इसकी भनक लग गई और कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को पकड़ लिया गया। नकली नोट गुजरात के युवक के माध्यम से इंदौर आए थे। क्राइम ब्रांच पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और उनकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों को तलाश रही है। पुलिस गुजरात के युवक तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। उसके पकड़ाने पर पूरा मामला खुलने की उम्मीद है।
Author: Shabd Agni
.
