वक्फ से सम्बंधित संपत्तियों की समय सीमा बढ़ाने को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान है घुमावदार
शब्द अग्नि / यासिर पठान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के संबंध में मीडिया से बात करते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की अंतिम समय सीमा 5 दिसंबर है लेकिन जिन वक्फ मुतवल्लियों ने वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी एवं किसी कारण पूरा नहीं कर पाए, उन्हें 3 महीने की राहत दी जाएगी। इस दौरान उन पर किसी भी प्रकार से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी ना ही किसी प्रकार का कोई जुर्माना लगाया जाएगा
तो क्या बढ़ गई समय सीमा….?

अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा वक्फ समितियों से संबंधित बिल पास किया जा चुका है उसमें किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया जा सकता केंद्रीय मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट भी इसकी समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर चुका है वक्फ ट्रिब्यूनल को अपने स्वयं विवेक से यह निर्णय लेने का अधिकार है कि ट्रिब्यूनल छः महीने के लिए समय सीमा बढ़ा सकता है हम अपनी तरफ से जो सम्भव होगा सहयोग करेंगे केंद्रीय मंत्री के इस घुमावदार बयान से स्थिति स्पष्ट होती नहीं दिख रही
कोई आधिकारिक आदेश नहीं हुआ जारी
केंद्रीय मंत्री ने महज मीडिया से बातचीत के दौरान इस तरह की बात कही है वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने को लेकर वक्फ ट्रिब्यूनल का किसी भी प्रकार से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया जिसको लेकर असमंजस की स्थिति निर्मित है
अब आगे क्या…..?
केन्द्रीय मंत्री के इस बयान से सिर्फ इतना साफ हुआ है कि जिन लोगों ने उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीयन संबंधित जानकारी अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू की थी यह राहत उनके लिए है जिन वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर पर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है उनके लिए आगे क्या होगा इसको लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं है
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने…
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करवाने की अंतिम तारीख 5 दिसम्बर ही रहेगी समय सीमा बढ़ाने का अधिकार केवल वक्फ ट्रिब्यूनल के पास है केंद् सरकार के पास नहीं जिन लोगों ने पंजीकरण नहीं कराया है, वे वक्फ ट्रिब्यूनल से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं
Author: Shabd Agni
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