केंद्र सरकार ने लोकसभा में दी जानकारी
भोपाल। रक्षा मंत्रालय की जमीन पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण मध्य प्रदेश में हुआ है। देश भर में कुल 11, 152.15 एकड़ रक्षा भूमि पर अवैध कब्जा है, जिसमें से अकेले मध्य प्रदेश में 1,733.21 एकड़ जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने लोकसभा में दी है। उत्तर प्रदेश 1,639.33 एकड़ के साथ दूसरे नंबर पर है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देशभर में कुल 11, 152.15 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है। यह जमीन सेना, वायुसेना और अन्य सशस्त्र बलों के इस्तेमाल के लिए है। इस कुल आंकड़े में मध्य प्रदेश का हिस्सा करीब 16% है, जो इसे सबसे आगे रखता है। हालांकि, जब अतिरिक्त (सरप्लस) रक्षा भूमि की बात आती है, तो मध्य प्रदेश पीछे है। यहां केवल 566.44 एकड़ रक्षा भूमि ऐसी है जो सशस्त्र बलों की मौजूदा जरूरत से ज्यादा है। उत्तर प्रदेश (8,840.70 एकड़), उत्तराखंड (8,693.57 एकड़) और महाराष्ट्र (6,781.35 एकड़) जैसे राज्य सरप्लस डिफेंस लैंड के मामले में काफी आगे हैं। और मध्य प्रदेश टॉप-10 में भी शामिल नहीं है। अतिक्रमण के अलावा, मध्य प्रदेश की 112.95 एकड़ रक्षा भूमि कानूनी विवादों में भी फंसी हुई है। पूरे देश में 8113.04 एकड़ रक्षा भूमि अदालतों में मुकदमों के कारण अटकी हुई है। इस वजह से न तो इन जमीनों का इस्तेमाल सैन्य कामों के लिए हो पा रहा है। और न ही किसी दूसरे सरकारी प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने संसद को बताया कि रक्षा भूमि के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और जियो टैगिंग का काम पूरा हो चुका है। लेकिन, सुरक्षा कारणों से यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी, पुराने कब्जे और लंबी कानूनी प्रक्रियाएं अतिक्रमण हटाने में सबसे बड़ी रुकावटें हैं।
Author: Shabd Agni
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