जाने-माने संगीतकारों के गीतों पर केन्द्रित कार्यक्रम में युवा विद्यार्थियों की अभिनव प्रस्तुति
इंदौर। सुप्रसिद्ध संगीतकारों के चुनिन्दा गीतों पर केन्द्रित कार्यक्रम अभिनव गीत माला में युवा गायकों ने सदाबहार गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
अभिनव कला समाज में आयोजित कार्यक्रम में संगीतकार शंकर-जयकिशन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, शंकर एहसान लॉय, एस. डी. बर्मन, आर. डी. बर्मन आदि के गीतों को वरिष्ठ शास्त्रीय गायक पं सुनील मसूरकर के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए। गायकों में जय दवे, अनघ पंडित, सानिया खान, मयंक जैसवाल, योगेन्द्र सिंह, पलक जैसवाल, कुशल फनसलकर, जयंत कोल्हटकर, बैदेही पाराशर, हर्षवर्धन नाड़कर, नीलाक्ष रोकड़े, हार्दिक वासिवार, अभिषेक यादव आदि ने ‘तुम अगर साथ देने का वादा करो’, ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’, ‘गीत गाता हूं मैं’, ‘एहसान तेरा होगा मुझ पर’, ‘फिर वही शाम है’, ‘ये नयन डरे-डरे’, ‘ओ माझी रे’, ‘दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा’… जैसे सदाबहार नगमे प्रस्तुत कर खूब दाद बटोरी। कार्यक्रम में संगीत संयोजन विजय राव का था। की-बोर्ड पर हर्षद शैवगांवकर, ऑक्टोपैड पर शैलू स्वामी एवं गिटार पर विकास जैन ने संगत की। कार्यक्रम का संचालन मोना ठाकुर ने किया।

कार्यक्रम में केन्द्रीय जेल अधीक्षक अलका सोनकर,संगीतज्ञ विजय गावड़े,समाजसेवी गोरधन लिम्बोदिया मुख्य अतिथि थे। प्रारंभ में अभिनव कला समाज के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, सत्यकाम शास्त्री, आलोक बाजपेयी, अभिषेक गावड़े एवं बंसीलाल लालवानी ने अतिथि एवं कलाकारों का स्वागत किया।
Author: Shabd Agni
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