शब्द अग्नि न्यूज़ ।भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभाग अध्यक्षों सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव से अपेक्षा की है कि वे केंद्रीय बजट के प्रावधानों के अनुरूप परियोजनाएं और योजनाएं तैयार कर भारत सरकार को भेजें इससे मध्यप्रदेश के प्राथमिकता क्षेत्र को अत्यधिक लाभ मिल सके। मंत्रालय में सोमवार को बैठक में मध्यप्रदेश विधान सभा के बजट सत्र की तैयारियों, वर्तमान वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों की पूर्ति, सुशासन के बिंदुओं सहित मंत्रि-परिषद के निर्णयों के पालन की समीक्षा की।
मुख्य सचिव श्री जैन ने मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तैयारियों की समीक्षा कर निर्देश दिए हैं कि पिछले सत्रों के शून्यकाल सूचनाओं सहित अपूर्ण उत्तर वाले प्रश्न, आश्वासन और लोक लेखा समिति की अनुशंसाओं के लंबित मामले यथाशीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने विभागीय परामर्शदात्री समितियों की बैठक करने के साथ ही विधानसभा को विभागीय प्रशासकीय प्रतिवेदन उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। वार्षिक पूंजीगत खर्चों की समीक्षा मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि आर्थिक ग्रोथ में पूंजीगत खर्ची का अहम योगदान होता है। अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने बताया कि अन्य वर्षों की तुलना में इस वित्त वर्ष में पूंजीगत खचों में वार्षिक लक्ष्यों की पूर्ति बेहतर है। मुख्य सचिव श्री जैन ने ऐसे विभाग जिनमें अभी भी राशि उपलब्ध है,
उनसे कहा है कि इस वित्त वर्ष की शेष अवधि के लिए साप्ताहिक प्लान बनाकर वास्तविक व्यय सुनिश्चित करें। केंद्रीय बजट प्रस्ताव पर विमर्श मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देशित किया कि हाल में आए केंद्र सरकार के बजट के प्रावधानों के अनुरूप मध्यप्रदेश में सिटी इकोनॉमिक रीजन, डेडीकेटेड केमिकल और पेट्रोकेमिकल पार्क और मेगा टेक्सटाइल पार्क सहित अन्य परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के दिशा निर्देशों को भी समाहित कर यथाशीघ्र प्रस्ताव भेजे जाए। मुख्य सचिव श्री जैन आयुर्वेदिक विश्वविद्याल के लिए प्रस्ताव भेजने पर आयुष विभाग की सराहना भी की।
Author: Shabd Agni
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