आवारा कुत्तो के आतंक से परेशान रहवासी क्षेत्रीय पार्षद ने कहा निगम की लापरवाही आई सामने
शब्द अग्निं / खंडवा शहर के घास पूरा स्थित एक चौराहे से गुज़र रहे राहगीर बुजुर्ग को आवारा कुत्तों के झुण्ड ने घेर लिया घबराये बुजुर्ग ने जैसे तैसे बड़ी मुश्किल से भाग कर खुद को बचाया बावजूद आवारा कुत्ते बुजुर्ग का पीछा करते रहे आम लोग घायल हो रहे हैं, जिससे दहशत फैली है और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है,
पार्षद ने कहा निगम की लापरवाही है

वही वार्ड पार्षद पति बिलाल खान का कहना है की शहर भर में आवारा कुत्तो के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं लगातार बच्चे और लोग को कुत्तों के झुंड द्वारा काटे जाने की घटनाओं होती रहती है लेकिन कुम्भकरण की नींद सोये निगम द्वारा इस और कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हे और ना ही जिला प्रशासन द्वारा कोई निकराकरण किया जा रहा है
- बढ़ती संख्या: आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, खासकर आबादी वाले इलाकों में।
- प्रशासन की सुस्ती: कुत्ते शेल्टर और नियंत्रण के बजट के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने की शिकायतें हैं।
- रेबीज का खतरा: कई मामलों में रेबीज का डर है और HRIG जैसे इंजेक्शन की ज़रूरत पड़ रही है।
- नागरिकों का डर: लोग घरों से निकलने में डर रहे हैं, खासकर बच्चे।
- सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (नवंबर 2025) सरकारी और निजी अस्पतालों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है
- निष्कर्ष यह समस्या गंभीर है और इससे निपटने के लिए प्रभावी पशु नियंत्रण और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है, क्योंकि लगातार हमले हो रहे हैं और लोग घायल हो रहे हैं, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
Author: Shabd Agni
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