सेवा तीर्थ विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने तथा जनता की सेवा करने के संकल्प का प्रतीक: मोदी
शब्द अग्नि न्यूज़ । नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नये प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ और अन्य सरकारी कार्यालयों के नये परिसर कर्तव्य भवन -1 और कर्तव्य भवन- 2 के उद्घाटन को विकसित भारत की यात्रा में ऐतिहासिक क्षण करार देते हुए कहा है कि यह दिन भारत की विकास यात्रा में एक नये आरंभ का साक्षी बन रहा है।
उन्होंने कहा कि ये भवन विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने तथा जनता की सेवा करने के संकल्प का प्रतीक है। ये नये परिसर भारत की जनताओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं, यहां जो फैसले लिये जायेंगे वह 140 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेंगे।
सरकारी भवनों तथा प्रमुख मार्गों के नाम बदलने का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल नाम बदलने का निर्णय भर नहीं है बल्कि यह सत्ता के मिजाज को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 विकसित राष्ट्र का लक्ष्य विश्व की निगाहों में भारत की प्रतिज्ञा है और इसे पूरा करने के लिए हमारा हर निर्णय सेवा की भावना से प्रेरित होना चाहिए। श्री मोदी ने शुक्रवार को यहां इन भवनों के उद्घाटन के बाद उपस्थति जन समुदाय को संबोधित किया और ब्रिटिश काल में बने नार्थ और साउथ ब्लाक भवनों को ब्रिटिश साम्राज्य की सोच का प्रतीक बताते हुए कहा कि विकसित भारत की इस यात्रा में यह बहुत जरूरी है कि भारत गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर आगे बढे ।
Author: Shabd Agni
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