शब्द अग्नि/ इंदौर / भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किए जा रहे कार्यों से स्थिति सुधर रही है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्र में सघन दौरा किया। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्रों में उल्टी दस्त के जो मरीज स्वस्थ होकर लोटे थे, उनका फालोअप किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि बुधवार को 189 मरीजों का फालोअप किया गया। भागीरथपुरा क्षेत्र में नागरिकों को ओआरएस जिंक के 686 कीट बाटे गये। टीम ने प्रभावित क्षेत्र में प्रचार प्रसार सामग्री का वितरण किया। साथ ही नागरिकों को ओआरएस बनाने की विधि, हाथ धोने के तरीके एवं उल्टी/दस्त से बचाव एवं उपचार संबंधित सामान्य संदेशों को प्रर्दशित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र के नागरिकों को बताया कि नर्मदा जल का वितरण पाइप लाइनों को स्वच्छ करने के लिये किया जा रहा है। इसलिये क्षेत्र के निवासी उस जल का उपयोग आगामी सूचना तक नहीं करें। इस हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा गत दिवस से आज सुबह तक मेगा माइकिंग के द्वारा संदेश प्रभावित क्षेत्र में दिया गया। कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देशानुसार भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में दो एम्बुलेंस लगाई गई है। साथ ही 24×7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रभावितों को एम. व्हाय. चिकित्सालय, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहाँ पर भी निःशुल्क उपचार, जाँच एवं औषधि हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी द्वारा निर्देशित किया गया है। वर्तमान में अस्पतालों में कुल भर्ती मरीजों की संख्या 56 है, जिसमें से आईसीयू में 9 मरीज भर्ती है।
Author: Shabd Agni
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