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मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं सुविधाओं पर दे ध्यान

जटिल गर्भवती महिलाओं की साप्ताहिक मॉनिटरिंग के दिये गए निर्देश
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक
शब्द अग्नि न्यूज़ । इंदौर। इंदौर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को प्रभावी रूप से कम करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने जटिल गर्भवती महिलाओं की पहचान, लाइन – लिस्टिंग और साप्ताहिक मॉनिटरिंग को अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न जिला स्वास्थ्य समिति की इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पवार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले की स्वास्थ्य आधारभूत सुविधाओं एवं संरचनाओं की उपलब्धता की समीक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़ा, शिशु मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुकार्य एएनसी पंजीयन अनमोल पोर्टल), राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, निक्षय मित्र योजना, राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ निवारण जनजागरूकता पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। इस पखवाड़े के अंतर्गत कुष्ठ रोग के संबंध में आमजन को जानकारी देते हुए इसके उपचार के संबंध में जागरूकता लायी जाएगी। बताया गया कि फरवरी और मार्च माह में अभियान चलाकर नये कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी। इस अभियान के अंतर्गत घर-घर जाकर कुष्ठ के संभावित रोगियों की पहचान का कार्य किया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एवं जोनल ऑफिसर अपने-अपने क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करें तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और गतिविधियों की सतत समीक्षा करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी चिकित्सक के अवकाश पर जाने से पूर्व उनकी वैकल्पिक व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसूता महिलाओं की सुविधा हेतु मानक स्तर के लेबर रूम की उपलब्धता, साफ-सफाई एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर दिया गया। साथ ही गर्भवती, धात्री महिलाओं एवं बच्चों में एनीमिया की नियमित जांच कर एनीमिया पाए जाने पर तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री वर्मा ने जटिल गर्भवती महिलाओं की साप्ताहिक मॉनिटरिंग एवं गुणवत्तापूर्ण जांच के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पंजीकृत जटिल गर्भवती महिलाओं की पहचान, फॉलो-अप एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। हाई ब्लड प्रेशर ( PIH ), गंभीर एनीमिया, पूर्व सिजेरियन ऑपरेशन, हृदय रोग एवं अन्य चिकित्सकीय जटिलताओं से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की लाइन- लिस्टिंग कर बीपीएमयू, जोनल एवं सेक्टर स्तर पर प्रति सप्ताह निगरानी की जाएगी।
साथ ही समस्त जटिल गर्भवती महिलाओं एवं जटिल पीएनसी प्रकरणों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण परीक्षण प्रत्येक प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित शिविरों में सीएचओ, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए। प्रसव पूर्व जांच के दौरान प्रत्येक गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर, वजन, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, यूरिन, एल्ब्यूमिन सहित एब्डोमिनल परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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