शब्द अग्नि / इंदौर। शादी में शामिल होने से पहले वर वधू की उम्र पता होना जरूरी है। कम उम्र में होने वाली शादी में शामिल होने से आप भी अपराधी बन सकते हैं। बच्चों का भविष्य शिक्षा पर निर्भर करता है। पहले पढ़ाई फिर विदाई को ध्यान में रखते हुए सही उम्र में ही शादी होना चाहिए। यह बात बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता कोर ग्रुप प्रभारी महेंद्र पाठक ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 8 परदेशीपुरा में महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारो पर कार्यरत संस्था अरमान बाल अधिकार ट्रस्ट द्वारा बाल विवाह रोकथाम एवं जागरूकता कार्यशाला में कहीं। उन्होंने बालिकाओ को बाल विवाह अधिनियम 2006 बाल विवाह की विस्तृत जानकारी देते हुए बाल विवाह किस प्रकार बच्चो के अधिकारो को प्रभावित करता हैं इसके बारे में बताया। कार्यशाला में स्कूल की बालिकाओं और शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कार्यशाला में जिला समन्वयक चाइल्ड हेल्पलाइन फुलसिंह ने बालिकाओं को बताया कि अपने आस पास हो रहे बाल विवाह की शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कर सकते है। वहां पर शिकायतकर्ता का नाम पूर्ण रूप से गोपनीय रखा जाता है। अंत में पाठक ने सभी को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन संस्था की प्रीति सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य मुक्ता पंडित, संस्था से अमन नादुरकर, उन्नती विश्वकर्मा उपस्थित रहे।
Author: Shabd Agni
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