ये मोहब्बत की दुकान मोदी की कब्र खोदने की बात करती है, विपक्ष का वॉकआउट
शब्द अग्नि न्यूज़ । नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने एक घंटा 37 मिनट भाषण दिया। मोदी ने कहा कि ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो मोदी की कब्र खोदने की बात करते हैं। क्या ये सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का अपमान नहीं है?
PM ने कहा- टीएमसी, कांग्रेस, लेफ्ट, डीएमके दशकों से केंद्र में सत्ता का हिस्सा रहे। उनकी पहचान क्या बनी, उनके वक्त डील के नाम पर बोफोर्स याद आता है। आज डील की चर्चा गौरव से होती है। प्रधानमंत्री ने जैसे ही बोलना शुरू किया विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी को बोलने दिया जाए, तानाशाही नहीं चलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि खड़गेजी की उम्र देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की इजाजत दी जाए। इसके बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें
1. कांग्रेस के पीएम के पास सोच नहीं थी: लालकिले से दिए कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के भाषण का एनालिसिस कर लीजिए। इससे पता चल जाएगा कि उनके पास कोई विजन नहीं था। हमारी काफी ताकत उनकी गलतियों को सुधारने में लग रही है। उस दौर में दुनिया के मन में हमारी जो इमेज बनी थी, उसे मिटाने में बहुत मेहनत लगती है।
2. देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है: आज देश नीति के आधार पर चल रहा है। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए हम आगे बढ़ चले हैं। सच्चाई यह है कि देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर विश्व से प्रतिस्पर्धा करने को तैयार है। MSME का नेटवर्क जितना बढ़ा है, दुनिया का भरोसा भी बढ़ रहा है। 3. ईयू और अमेरिका से ट्रेड डील गर्व का विषय आज भारत अनेक देशों के साथ ट्रेड डील कर रहा है। पिछले कुछ समय में हमने दुनिया के 9 बड़े और महत्वपूर्ण देशों के साथ ट्रेड डील साइन की हैं। एकसाथ 27 देशों के
साथ डील की हैं। इसमें यूरोपियन यूनियन और अमेरिका से डील भी शामिल है। इनके (कांग्रेस) के समय डील बोफोर्स थी। आज डील गर्व का विषय है।
4. नेहरू ने शुरुआत कराई, उद्घाटन मैंने किया: कांग्रेस की इम्प्लीमेंट नीति की मिसाल देना चाहता हूं। गुजरात के लिए जब नर्मदा डैम की योजना बनाई गई, तब मैं पैदा भी नहीं हुआ था। सरदार पटेल के निधन के बाद नेहरूजी ने इसकी शुरुआत कराई। कमाल की बात है कि जब मैं प्रधानमंत्री बना, तब इसका उद्घाटन किया। मैंने सीएम रहते हुए इस डैम के लिए 3 दिन तक अनशन किया। किसानों के लिए मैंने अपने आपको दांव पर लगा दिया था।
5. आज NPA 1% से नीचे 2014 से
पहले नेता के फोन जाते थे और उनके आधार पर लोन देते थे। गरीब, बैंक के दरवाजे तक भी नहीं जा पातेथे । कांग्रेस राज में बैंकिंग सेक्टर तबाही के कगार पर था। मैं पीएम बना तो बैंकों को भरोसे में लिया। आज नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) 1% से भी नीचे है। बैंकों का प्रॉफिट रिकॉर्ड पर है।
Author: Shabd Agni
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