मेट्रो साइट पर नागरिकों ने रुकवाया काम
शब्द अग्नि न्यूज़ । इंदौर सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चैराहे तक मेट्रो संचालन शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही हैं। इसी बीच शहर के बीचोंबीच मेट्रो परियोजना से जुड़ा एक नया विवाद सामने आ गया, जब रीगल तिराहा स्थित रानी सराय में प्राचीन बावड़ी तोड़े जाने का विरोध शुरू हो गया।
कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की जूनियर टीम मंगलवार को शहर पहुंच चुकी है और बुधवार से मैदानी निरीक्षण शुरू कर दिया गया। 19 फरवरी को सिस्टम जांच टीम भी इंदौर पहुंचेगी, जो ट्रैक, स्टेशन, सिग्नलिंग और सुरक्षा मानकों की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। यदि सभी मानक पूरे पाए गए तो मार्च में सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक करीब 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो संचालन शुरू हो सकता है। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर 5.9 किलोमीटर हिस्से में ही मेट्रो चल रही है।
बुधवार दोपहर रीगल तिराहा स्थित रानी सराय में मेट्रो निर्माण के दौरान एक प्राचीन बावड़ी को तोड़ने का काम शुरू किया गया। इसकी जानकारी मिलते ही पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यह वर्षो पुरानी जल संरचना है और इसे बिना सार्वजनिक सूचना या अनुमति के तोड़ा जा रहा है। विरोध बढ़ने पर काम रोक दिया गया। मौके पर मौजूद पर्यावरणविदों ने कहा कि विकास जरूरी है,
लेकिन ऐतिहासिक धरोहर और जल संरचनाओं को बचाना भी उतना ही जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने मेट्रो अधिकारियों से बावड़ी तोड़ने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे। अधिकारियों का कहना था कि परियोजना क्षेत्र में आने वाली संरचनाओं को हटाने के लिए अलग अनुमति की जरूरत नहीं होती, जबकि पर्यावरणविदों ने विशेष अनुमति और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की। विरोध के दौरान कई प्रदर्शनकारी बवड़ी के भीतर उतर गए और नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ का काम रुकवा दिया। इस घटनाक्रम ने शहर में विकास और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन की बहस को फिर तेज कर दिया है।
Author: Shabd Agni
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