चच्चा के तीस तो हिन्दू के चार बच्चे क्यों नहीं
बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है जब चच्चा के तीस बच्चे हो सकते हैं तो हिंदुओं के चार बच्चे क्यों नहीं पीठाधीश ने उक्त बात मीडिया से चर्चा के दौरान कही साथ ही उनकी पदयात्रा को लेकर किए गए सवाल के संबंध में उनका कहना था कि उक्त पदयात्रा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं है यह पदयात्रा सनातन की एकता एवं हिन्दुत्व की मजबूत आधार शिला के लिए है
भारत को भगवा ए हिन्द बनाना है

राजनीति नहीं सनातन की एकता है लक्ष्य
” ना हम राजनीति में जाने के लिए निकले हैं, ना ही कोई राजनीतिक पार्टी बनानी है, ना किसी पार्टी का समर्थन करना है। यह पदयात्रा केवल हिंदू एकता और सनातन एकता के लिए है। राजनीति में जाने के लिए कई रास्ते हैं, इसके लिए पदयात्रा की जरूरत नहीं शिवपुरी में गुरुवार से धीरेंद्र कृष्ण श्रीमद् भागवत कथा का वाचन कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम के तहत मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक समीकरण से इंकार किया
कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस नेता डॉ अमीनुल खान सूरी ने पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के दिए उक्त बयान की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के बयान देश की अखंडता को तोड़ कर आपसी भाईचारे को खत्म करने वाले होते है भारत किसी एक धर्म, जाति या विचारधारा का नहीं, बल्कि 140 करोड़ लोगों का साझा देश है। इसे किसी भी तरह के धार्मिक राष्ट्र की ओर मोड़ने का प्रयास ना तो संवैधानिक है और ना ही भारत की मूल भावना के अनुरूप है धार्मिक मंचों से ऐसे संदेश समाज में विभाजन बढ़ाते हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाते हैं। भारत का भविष्य तभी सुरक्षित है जब हम सभी धर्मों के सम्मान, समानता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े रहें
Author: Shabd Agni
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