डीएड की फर्जी अंकसूची से शिक्षक बनने का मामला पिछले माह हुई एफआइआर में आठ शिक्षक नामजद थे ग्वालियर के अलावा मुरैना, शिवपुरी के शिक्षक भी शामिल
डीएड की फर्जी अंकसूची (D.Ed mark sheets) के जरिये सरकारी शिक्षक बनने वालों पर एसटीएफ (STF) का शिकंजा कसता जा रहा है। पिछले माह हुई एफआइआर(FIR) में ऐसे आठ शिक्षक नामजद थे, जो ग्वालियर के रहने वाले थे। अब 26 नाम और बढ़ गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा इंदौर के शिक्षक हैं।
इनके खिलाफ हुए एआईआर
बताया जा रहा हे की फर्जी दी एड डिग्री मामले में िकनके खिलाफ हुई हे कार्यवाही
- सुभाष पुत्र रामचंद्र सिंह।
- हाकिम पुत्र केशव सिंह परमार।
- अजय पुत्र रामेश्वर पटेल।
- नीलेश पुत्र मनोहर मुकाती।
- पवन पुत्र बाबूलाल पटेल।
- प्रियंका पुत्री बालकृष्ण जोशी।
- निशा पुत्री मोतीलाल यादव।
- विशाल पुत्र हेमंत पटेल।
- मनीष पुत्र गोपाल सिसोदिया।
- जयपाल पुत्र सज्जन सिंह राठौर।
- श्याम कुमार मेवदा पुत्र रमेश सिंह मेवदा।
- सुनील कुमार पुत्र भगवान प्रसाद वर्मा।
- वंशीलाल पुत्र पुत्र किशोर चौहान।
- सरदार पुत्र नानूराम सिसौदिया।
- अशोक पुत्र सालिगराम पटेल।
- संदीप पुत्र नंदलाल मकवाना।
- जितेंद्र पुत्र राममिलन जायसवाल।
- ओमप्रकाश पुत्र शंकरलाल वर्मा।
- बिजेंद्र पुत्र गोपाल सिंह तंवर।
- संध्या पुत्री गिर्राज शर्मा।
- मुरैना के शिक्षक भी शामिल
- कमलेश पुत्र सियाराम धाकड़।
- अनुराधा पुत्री नरेश चंद्र मित्तल।
- कमलेश धाकड़।
- उमेश पुत्र कुंजलाल शर्मा।
- रामप्रकाश पुत्र श्रीचरण शर्मा।
- शिवपुरीध्रुवेश पुत्र रामभजन शर्मा, निवासी शिवपुरी।
पुष्टि एसटीएफ द्वारा की गई
एफआइआर में इन सभी के नाम बढ़ाए गए हैं। इसकी पुष्टि एसटीएफ द्वारा की गई है। फर्जीवाड़े की जांच कर रही टीम ने बताया कि सिर्फ फर्जी अंकसूची ही तैयार नहीं की गई, बल्कि सत्यापन में भी बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। फर्जी अंकसूची लगाकर नौकरी हासिल कर ली गई।
आरटीआइ से हुआ खुलासा
इसके बाद जब दस्तावेज सत्यापन विभाग द्वारा कराया गया तो इसमें इन अंकसूची को सही बता दिया गया। माध्यमिक शिक्षा मंडल में इन्हें सही बता दिया। जब आरटीआइ कार्यकर्ता द्वारा शिकायत की गई, तब अंकसूचियों की जांच हुई। इसमें माध्यमिक शिक्षा मंडल से ही पुन: रिकॉर्ड मांगा गया। तब पता लगा कि यह अंकसूचियां माध्यमिक शिक्षा मंडल से जारी नहीं हुई हैं।
Author: Shabd Agni
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