शब्द अग्नि न्यूज़। इंदौर। माहेश्वरी समाज में विवाह की बढ़ती उम्र के कारण घटती जनसंख्या और बिगड़ते लिंगानुपात को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसे दूर करने के लिए समाज ने अनूठी पहल की है। इसके तहत लड़के-लड़कियों के लिए विवाह की उम्र निर्धारित की है। यदि इस तय उम्र में विवाह किया जाता है तो दंपति को समाज की ओर से 21 हजार का शगुन का लिफाफा मिलेगा। यह निर्णय हाल ही में माहेश्वरी महासभा के जोधपुर में आयोजित तीन दिवसीय माहेश्वरी अधिवेशन में लिया गया था, जिसमें देशभर के समाज जन के समक्ष गंभीर चिंतन किया गया। उपसभापति विजय राठी का कहना है कि समय पर विवाह से पारिवारिक स्थिरता के साथ समाज की जनसंख्या वृद्धि को भी सकारात्मक दिशा मिलेगी।
महासभा ने इस निर्णय के पीछे के कारण को स्पष्ट करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक वृद्धि दर बनाए रखना समय की मांग है, ताकि भविष्य में सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संतुलन कायम रह सके। इस उद्देश्य से विवाह की आयु, कन्या जन्मोत्सव और तीसरी संतान को सम्मान देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिन्हें समाज में व्यापक जनजागरण के साथ लागू करने पर जोर दिया गया है। कन्या जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का संकल्प राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रामस्वरूप मूंदड़ा एवं कार्यसमिति सदस्य भरत तोतला बताते हैं कि लिंगानुपात की समस्या को देखते हुए कन्या जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का पुनः संकल्प लिया गया है। जन्म पर मिष्ठान वितरण, थाली बजाना और उत्सव मनाने जैसे प्रतीकात्मक कदम उठाने का आह्वान किया गया है। महासभा का मानना है कि जब समाज स्वयं कन्या जन्म का स्वागत उत्सव के रूप में करेगा, तभी मानसिकता में
सकारात्मक बदलाव आएगा।
Author: Shabd Agni
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