शब्द अग्नि न्यूज़ ‘/ इंदौर | क्राइम ब्रांच ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। क्राइम ब्रांच आरोपियों की जानकारी जुटा रही है। आरोपियों ने मां-बेटे के नाम पर लोन दिलाने के बहाने बैंक अकाउंट खुलवाए, लेकिन लोन नहीं कराया।
इसी दौरान आरोपियों ने उन अकाउंटों में एडवाइजरी और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े ठगी के रुपए का लेन-देन कराया। जब बलसाड पुलिस ने फर्जी तरीके से अकाउंटों में आए रुपए लेकर जांच की, तब मां-बेटे को इस धोखाधड़ी की जानकारी लगी। क्राइम ब्रांच ने सिरपुर बांक निवासी शादाब खान की शिकायत पर विष्णु परमार और उसके साथी सिद्धार्थ के खिलाफ दस्तावेज लेकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 5 माह पहले एक कैफे में शादाब की मुलाकात विष्णु से हुई थी । विष्णु ने अकाउंट खुलवाने की बात कही, जिसके लिए शादाब ने पूरे दस्तावेज उपलब्ध कराए। इसके बाद विष्णु ने कहा कि जब भी लोन स्वीकृत होगा, वह जानकारी दे देगा। शादाब की मां अनीसा बी के दस्तावेज लेकर इंडियन बैंक में एक अकाउंट और यूको बैंक में दूसरा अकाउंट खुलवाया गया। लोन को लेकर जब भी बातचीत होती, आरोपी टालमटोल करता रहा। सितंबर 2025 में बलसाड पुलिस से जानकारी मिली कि इन अकाउंटों में ठगी के रुपए जमा कराए गए हैं।
Author: Shabd Agni
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